मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ तहसील में पटवारी सहित कई अधिकारियों पर लगातार भ्रष्टाचार और रिश्वत लेने के आरोप सामने आ रहे हैं। जहां पिछले मंगलवार जनसुनवाई में नगर परिषद मल्हारगढ़ में भ्रष्टाचार की शिकायत लेकर एक युवक लोटते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचा था। वहीं मंगलवार को फिर जनसुनवाई में इसी तरह पटवारी से पीड़ित एक शख्स कलेक्टर कार्यालय तक लोटते हुए पहुंचा।
मामले में सामने आया कि पटवारी ने जमीन सीमांकन के नाम पर रिश्वत की मांग की। न देने पर किसी अन्य के नाम आधा बीघा जमीन बढ़ाकर दर्ज कर दी। जनसुनवाई में लोटते हुए पहुंचे फ़रियादी लोकेश शर्मा मल्हारगढ़ ने बताया कि उसने तहसील में जमीन नपती के लिए एक आवेदन दिया था, जिस पर मौके पर आकर पटवारी और आरआई तेजकरण वर्मा द्वारा नपती की गई। लेकिन सीमांकन के समय आरआई तेजकरण वर्मा द्वारा मौके पर गलत तरीके से नपती करते हुए जमीन का सीमांकन कर दिया गया।
इस पर आपत्ति लेते हुए दोबारा नपती के लिए आवेदन किया। लेकिन आरआई तेजकरण वर्मा ने कहा कि सही नपती करने के लिए 50 हजार रुपये लगेंगे। मैंने उक्त राशि को देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद तेजकरण वर्मा द्वारा निर्मला पति निर्मल बैरागी से पैसे लेकर उनके पक्ष में आधा बीघा जमीन ज्यादा नाप दी और फर्जी तरीके से मेरी मां मुन्नी बाई के हस्ताक्षर दूसरे व्यक्ति से करवा कर पंचनामा तैयार कर दिया। इस बात की शिकायत पीड़ित ने उच्चाधिकारियों को भी की। लेकिन सुनवाई न होने की स्थिति में आज लोटते यात्रा को मजबूर होना पड़ा। एक बार फिर जनसुनवाई में लोटने का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।