सुरक्षा के साए में निकली दलित की बारात
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एक तरफ हम 21वीं सदी में चांद पर पहुंचने और मंगल पर बस्ती बसाने की बातें कर रहे हैं लेकिन दूसरी तरफ जमीनी हकीकत आज भी सामंती सोच के अंधेरों में कैद है। मंदसौर जिले से एक ऐसी शर्मनाक खबर सामने आई है, जिसने आधुनिक समाज के दावों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। जिले के सीतामऊ थाना क्षेत्र स्थित ग्राम सारसी पिपलिया में मेघवाल समाज के एक परिवार की खुशियों पर तब ग्रहण लग गया, जब दबंगों ने उनकी बिंदौली को बीच रास्ते में ही रोक दिया।
क्या था पूरा मामला?
गुरुवार की रात करीब दस बजे ग्राम सारसी पिपलिया में मेघवाल समाज का एक परिवार अपनी खुशियां मना रहा था। घर में शादी का माहौल था और बिंदौली धूमधाम से निकाली जा रही थी। आरोप है कि इसी दौरान ऊंची जाति के कुछ लोगों ने रास्ता रोक दिया और बिंदौली को आगे बढ़ने से मना कर दिया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और तनाव की स्थिति पैदा हो गई।
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पुलिस ने दिखाई सख्ती
विवाद की सूचना मिलते ही सीतामऊ पुलिस प्रशासन हरकत में आया और मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए न केवल दबंगों को सख्त हिदायत दी, बल्कि पुलिस सुरक्षा के घेरे में दलित परिवार की बिंदौली को शांतिपूर्वक संपन्न कराया।
खाकी के पहरे में बजी शहनाई
घटना उस वक्त शुरू हुई जब मेघवाल समाज की बिंदौली (बारात) धूमधाम से निकल रही थी। तभी कुछ दबंगों ने आगे बढ़कर रास्ता रोक दिया लेकिन मामला ज्यादा तूल पकड़ता, उससे पहले ही सीतामऊ पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई और मामला संभाल लिया।
सीतामऊ एसडीओपी दिनेश प्रजापति ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बिंदौली निकलवाई गई है, इस घटना में कौन लोग शामिल थे, इसकी जांच की जा रही हैं। उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।