मंडला जिले में एक बार फिर नक्सलियों की धमक से हड़कंप मच गया है। मंडला-बालाघाट की सीमा पर लगे चिमटा फॉरेस्ट कैंप में रविवार को हॉक फोर्स और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। दोपहर से शुरू हुई देर शाम तक जारी है, इस मुठभेड़ में एक नक्सली मारा गया है।
पुलिस अधीक्षक मंडला रजत सकलेचा ने नक्सली के मारे जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि दोनों तरफ से फायरिंग जारी है। इस वजह से सुरक्षाबल मृत नक्सली के शव तक नहीं पहुंच पाए हैं। हालांकि दूर से शव दिखाई दे रहा है। सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन अंधेरा होने के बाद भी जारी है। इलाके में और नक्सलियों की मौजूदगी की आशंका के चलते पूरे क्षेत्र की घेराबंदी की गई है।
सर्चिंग टीम पर हुई थी फायरिंग
मंडला पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के अनुसार खटिया मोर्चा के जंगलों में हॉक फोर्स की टीम सर्चिंग कर रही थी। इसी दौरान नक्सलियों ने गुट ने हॉक फोर्स की टीम पर फायरिंग प्रारंभ कर दी। हॉक फोर्स ने टीम के द्वारा जवाबी फायरिंग की गई। मुठभेड़ में दोनों तरफ से कई राउंड फायरिंग की गई। हॉक फोर्स की टीम ने एक नक्सली को मार गिराया है, जिसकी शिनाख्त नहीं हो पाई है। हॉक फोर्स द्वारा सर्चिंग अभियान जारी है। मुठभेड़ में अन्य नक्सलियों के घायल होने की संभावना है। नक्सली जंगलों में भाग गए है और हॉक फोर्स के जवान उनकी तलाश में लगे हुए हैं।
पहले भी हो चुकी मुठभेड़
मंडला जिले में लंबे समय से नक्सली अपनी उपस्थिति जंगलों में देते रहे हैं। यहां छोटी वारदातों को अंजाम देने के बाद ये नक्सली भाग जाते हैं। जिले में पुलिस और नक्सलियों की मुठभेड़ पहले भी हुई है। बता दें कि जिले मे कुछ वर्षों से सीआरपीएफ की बटालियन मंडला जिले में तैनात की गई है। जिसके बाद से जिला व हॉकफोर्स के ऑपरेशन को ताकत मिली है और अधिक ऊर्जा से अब बल कार्रवाई में जुट गया है। पूर्व में जिले के मोतीनाला थाना के ग्राम लालपुर के नजदीक पुलिस व नक्सलियों की मुठभेड़ हुई थी। जिसमें एक महिला नक्सली समेत 2 नक्सलियों को पुलिस ने मार गिराया है। घटनास्थल से पुलिस ने हथियार भी बरामद किए थे। मारे गए दोनों नक्सली कान्हा भोरमदेव बोड़ला कमेटी के सदस्य थे।