बेटियों को बचाने नर्मदा में कूदे आरक्षक की डूबने से मौत
मंडला जिले के मोहगांव थाना क्षेत्र में मानवता और पिता के फर्ज की मिसाल पेश करते हुए एक पुलिस आरक्षक ने अपनी संतानों की जान बचाने के लिए खुद की जिंदगी दांव पर लगा दी। देवगांव स्थित नर्मदा और बुडनेर नदी के संगम पर स्नान के दौरान अपनी बच्चियों को बचाने के प्रयास में आरक्षक शिवलाल परस्ते गहरे पानी में समा गए, जिससे उनकी मौत हो गई। हालांकि उनकी बच्चियों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरक्षक शिवलाल परस्ते पिछले करीब 11 महीनों से मोहगांव थाने में पदस्थ थे। उनकी पत्नी बिछिया क्षेत्र में शिक्षिका हैं और बच्चे भी उनके साथ वहीं रहते थे। छुट्टियों के चलते पत्नी और बच्चे मोहगांव आए हुए थे। सोमवार को पूरा परिवार देवगांव संगम पर घूमने और स्नान करने पहुंचा था। बताया जा रहा है कि स्नान के दौरान उनका बेटा अचानक गहरे पानी में चला गया। बेटे को बचाने के लिए उनकी दो बेटियां भी पानी में उतरीं, लेकिन वे भी डूबने लगीं। यह देख पिता शिवलाल परस्ते बिना देर किए पानी में कूद पड़े। उन्होंने स्थानीय लोगों की मदद से बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन इसी दौरान खुद गहरे पानी में डूब गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद आरक्षक का शव बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
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एडिशनल एसपी शिवकुमार वर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आरक्षक शिवलाल परस्ते बच्चों की जान बचाते हुए हादसे का शिकार हुए। उन्होंने बताया कि एक बच्ची की हालत कुछ समय के लिए गंभीर थी, लेकिन अब वह सुरक्षित है। प्रशासन की ओर से तत्काल राहत स्वरूप 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। एक पिता और पुलिस जवान की बहादुरी की यह कहानी पूरे जिले को भावुक कर गई है।
आरक्षक शिवलाल परस्ते