बकरियों को पानी पिलाने गए किशोर पर मगरमच्छ का हमला
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जिले के रामनगर क्षेत्र स्थित बाणसागर जलाशय से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां बकरी चराने गए एक किशोर पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया। इस जानलेवा हमले के बावजूद किशोर ने अद्भुत साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए खुद को मगरमच्छ के चंगुल से छुड़ाकर अपनी जान बचा ली।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कुदरी खुर्द निवासी 17 वर्षीय अजय कोल पिता रामप्रसाद कोल रोज की तरह अपने गांव के पास स्थित बाणसागर जलाशय के किनारे बकरियां चराने गया था। दोपहर के समय वह बकरियों को पानी पिलाने के लिए जैसे ही जलाशय के करीब पहुंचा, तभी पानी में छिपे मगरमच्छ ने अचानक हमला कर दिया।
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मगरमच्छ ने तेजी से झपट्टा मारते हुए अजय के पैर को अपने मजबूत जबड़ों में जकड़ लिया। यह हमला इतना अचानक और खतरनाक था कि आसपास मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हमले के बाद अजय ने घबराने के बजाय हिम्मत दिखाई और पूरी ताकत के साथ मगरमच्छ के जबड़ों से अपना पैर छुड़ाने की कोशिश शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि कुछ समय तक यह संघर्ष चलता रहा, जिसमें अजय की कोशिशें सफल रहीं और वह किसी तरह मगरमच्छ के चंगुल से बाहर निकल आया।
घटना के तुरंत बाद परिजनों और ग्रामीणों की मदद से अजय को प्राथमिक उपचार के लिए रामनगर अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार उसके पैर में गंभीर चोटें आई हैं लेकिन उसकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में भय का माहौल व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाणसागर जलाशय में पहले भी मगरमच्छों की मौजूदगी देखी गई है लेकिन इस तरह का हमला पहली बार सामने आया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जलाशय के किनारों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, नियमित निगरानी की जाए और वन एवं प्रशासनिक अमले की तैनाती बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।