कांग्रेस ने कमलनाथ को भेजा महाराष्ट्र।
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महाराष्ट्र में जारी राजनीतिक उठापटक के बीच कांग्रेस ने बागी विधायकों को मनाने के लिए मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ को महाराष्ट्र भेजा है। कमलनाथ को महाराष्ट्र भेजने के कांग्रेस के फैसले पर बुधवार को सीएम शिवराज ने तंज कसा, सीएम शिवराज ने कहा कि जो अपनी सरकार नहीं बचा पाए वो उद्धव ठाकरे की सरकार कैसे बचा पाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान शिवराज ने दो साल पहले कमलनाथ सरकार के गिरने का जिक्र करते हुए कहा, 'उन्हें महाराष्ट्र भेजा गया है... उन्हें राज्य क्यों भेजा गया है? सरकार बचाने के लिए। जो अपनी ही सरकार को नहीं बचा सके... महाराष्ट्र सरकार को कैसे बचाएंगे? क्या कांग्रेस आपका कुछ भला कर सकती है? पार्टी अपनी आखिरी सांसें गिन रही है और उसके शीर्ष नेता (राहुल गांधी) प्रवर्तन निदेशालय कार्यालय के चक्कर काटने में व्यस्त हैं।'
2020 में गिर गई थी कमलनाथ सरकार
मध्य प्रदेश में 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी में शामिल होने से कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गिर गई थी। कांग्रेस के एक साथ 20 विधायक बीजेपी में शामिल हो गए थे, कमलनाथ ने सदन में विश्वास मत साबित करने से पहले ही सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। कमलनाथ के इस्तीफा देने के बाद दोबारा सत्ता में वापसी करते हुए शिवराज सिंह चौहान चौथी बार प्रदेश के सीएम बने हैं। कांग्रेस ने कमलनाथ को पर्यवेक्षक बनाकर महाराष्ट्र भेजा है।
संजय राउत का भाजपा पर तंज
महाराष्ट्र में जारी उथल पुथल को लेकर संजय राउत ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा था कि यह मध्य प्रदेश नहीं महाराष्ट्र है। उन्होंने आश्वासन दिया था कि पार्टी नियंत्रण में है। कांग्रेस महाराष्ट्र में गठबंधन सहयोगियों में से एक है और कमलनाथ को मंगलवार को शीर्ष नेतृत्व ने राज्य भेजा है। बुधवार को कमलनाथ उद्धव ठाकरे से मिलने वाले थे, लेकिन दोपहर को उन्होंने कहा कि ठाकरे कोविड पॉजिटिव हैं।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बुधवार को कहा कि अगर विधायक उनके सामने आकर इस्तीफा मांगेंगे तो वे अपने पद से इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। वे परिवार सहित सीएम आवास को छोड़कर मातोश्री चले गए हैं। उन्होंने यह कदम बागी विधायकों के तेवर में कोई नरमी नहीं आने की वजह से उठाया। उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री पद का लालची नहीं हूं।