मध्यप्रदेश में हार का मुंह देखने के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मीडिया से मुखातिब हुए। इस प्रेस कॉन्फ्रेन्स में शिवराज ने खुद को मजबूत विपक्ष बताते हुए 2019 पर फोकस करने की बात कही।
शिवराज ने कहा, "मैंने मुख्यमंत्री बनकर नहीं बल्कि परिवार का सदस्य बनकर सरकार चलाने की कोशिश की। साढ़े सात करोड़ मध्यप्रदेश वासी मेरा परिवार हैं। बिजली, पानी, सिंचाई को लेकर हमने बहुत काम किया।"
कार्यवाहक मुख्यमंत्री चौहान ने मोदी और अमित शाह की तारीफ करते हुए कहा कि केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश में पूरा सहयोग किया। फिर चाहे वो खुद प्रधानमंत्री हों या भाजपा अध्यक्ष अमित शाह। एक-एक सीट पर इस तरह ध्यान देने वाले अध्यक्ष मैंने नहीं देखे।
उन्होंने हार स्वीकार करते हुए हार की जिम्मेदारी भी ली,
ये सच है कि हमें बहुमत नहीं मिला। अपेक्षित सफलता भी नहीं मिल सकी। अगर इसके लिए कोई जिम्मेदार है तो वो सिर्फ शिवराज सिंह चौहान यानी मैं हूं। सभी को सहयोग के लिए हृदय से धन्यवाद देता हूं। मैंने किसी का दिल नहीं दुखाया। कमलनाथजी को मैंने फोन कर बधाई दी। नई सरकार से ये आग्रह करना चाहता हूं कि जनता की कल्याण की योजनाओं में निरंतरता रहे।
विपक्ष में बैठने के बारे में सवाल पूछे जाने पर शिवराज ने कहा, "विपक्ष भी मजबूत है। हमारे 109 विधायक हैं। हम सशक्त लेकिन रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएंगे। प्रदेश के हित के लिए जहां जरूरत होगी वहां साथ खड़ा रहूंगा। चौकीदारी करने की जिम्मेदारी अब हमारी है।"
नेता प्रतिपक्ष के सवाल पर चुटकी लेते हुए शिवराज ने कहा, "नेता प्रतिपक्ष तो पार्टी तय करेगी लेकिन हम नेता तो रहेंगे। "
शिवराज ने अगले कदम के बारे में बात करते हुए कहा कि अगला लक्ष्य, 2019 का लोकसभा चुनाव है। मोदीजी के नेतृत्व में शानदार सफलता प्राप्त करें, इसके लिए काम करेंगे।