मध्य प्रदेश विधानसभा (फाइल फोटो)
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कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी को बुधवार को विधानसभा ने नोटिस जारी किया है। राज्यपाल के अभिभाषण के बहिष्कार के मामले में ये कार्रवाई की गई है। इस पर सदन में कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी और हंगामा किया।
विधानसभा की तरफ से जीतू पटवारी को जारी नोटिस पर गोविंद सिंह ने विरोध दर्ज कराया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने नियम पढ़कर बताया। नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कोई खेद प्रकट नहीं करेगा। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन में नारेबाजी शुरू कर दी और जमकर हंगामा किया। बता दें जीतू पटवारी ने ट्वीट करते हुए विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण का बहिष्कार किया था। उन्होंने लिखा था कि चिर निंद्रा में सोई भाजपा सरकार को जगाना जरूरी है। उनके विरोध को कमलनाथ ने गलत बताते हुए विधानसभा में राज्यपाल का भाषण सुना था। इसके बाद जीतू पटवारी ने दोबारा ट्वीट कर अपने निर्णय पर कायम होने की बात कही थी।
विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
विधानसभा में अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान भी जमकर हंगामा हुआ। हंगामे के बीच तमाम विधेयकों को सत्ता पक्ष ने पास कराया। इसका विपक्ष ने विरोध कर लोकतंत्र की हत्या करार दिया। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया।
अध्यक्ष ने जताई नाराजगी
विधायकों के पत्रों के जवाब नहीं आने पर विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कई विधायक ऐसे हैं, जो मुझे भी बताते हैं कि चिट्ठी का जवाब नहीं आता। इस पर ध्यान देने की जरूरत है।