मध्य प्रदेश सरकार में पर्यटन और संस्कृति मंत्री ऊषा ठाकुर कोरोना नियमों की धज्जियां उड़ाती नजर आईं। खंडवा के दो दिवसीय दौरे में वो बिना मास्क के कई कार्यक्रमों में शामिल हुईं। वहीं उन्होंने जनता से मास्क लगाकर घरों से निकलने की अपील की।
मध्य प्रदेश सरकार एक तरफ लोगों को कोरोना गाइडलाइन का पालन करने की नसीहत दे रही है, तो वहीं सरकार के मंत्री खुद उसे तोड़ रहे हैं। सोमवार को प्रदेश की पर्यटन और संस्कृति मंत्री ऊषा ठाकुर कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाती नजर आईं। मंत्री अपने प्रभारी जिले खंडवा के दो दिवसीय दौरे पर थी, जहां वो सोमवार को कई कार्यक्रमों में शामिल हुईं। इस दौरान वो मास्क की जगह एक पीले रंग का गमछा लगाए दिखीं।
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मंत्री ऊषा ठाकुर ने बिना मास्क के अस्पताल का निरीक्षण किया। सर्किट हाउस में लोगों की समस्याएं सुनी। पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की, कलेक्ट्रेट में वो क्राइसिस कमेटी की बैठक में शामिल हुईं, ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जायजा भी लिया, लेकिन इन सबके दौरान उन्होंने कहीं मास्क नहीं पहना।
बैठक में दिए मास्क लगाने के निर्देश
खुद मास्क न लगाने वाली पर्यटन मंत्री ने बैठक में आम जनता को निर्देश दिए कि कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के घर से बाहर न निकले। मास्क लगाकर निकले, जिससे स्वयं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न हो।
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मास्क न लगाने पर दी अजीब दलील
मीडिया ने जब पर्यटन मंत्री से मास्क न लगाने का कारण पूछा तो उन्होंने अजीबोगरीब बयान दिया। मंत्री ऊषा ठाकुर ने कहा कि मेरा गमछा आपके मास्क से 4 गुना ज्यादा मजबूत हैं और मैं बीते 30 सालों से सुबह और शाम के वक्त अग्निहोम करती हूं, जिससे मेरी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है।
मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण बेकाबू हो चुका है। बावजूद उसके सरकार के मंत्री जनता को मास्क लगाने की नसीहत तो दे रहे हैं, लेकिन खुद मास्क न लगाकर जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।