भोपाल में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते प्रहलाद पटेल
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देश में अगस्त 2019 से जल जीवन मिशन का कार्य प्रारंभ हुआ, लेकिन मध्य प्रदेश में इसका काम मई 2020 से प्रारंभ हुआ। मध्य प्रदेश में जल जीवन मिशन के पूर्व 14.5 प्रतिशत घरों में नल से जल प्रदाय था, जो अब बढ़कर 36.5 प्रतिशत हो चुका है।
यह बात केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग एवं जल शक्ति राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने शनिवार को भोपाल में पत्रकार वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश में 2024 तक कुल 1 करोड़ 22 लाख क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराए जाने हैं। 17 दिसंबर 2021 तक प्रदेश में 44.64 लाख (36.5 प्रतिशत) परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध करा दिए गए हैं। पटेल ने कहा कि मध्य प्रदेश अकेला राज्य है, जिसमें समस्त जिला स्तरीय पेयजल परीक्षण प्रयोगशालाएं NABL प्रमाणित हैं। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तेजी से क्रियान्वयन के लिए प्रदेश के बजट को वर्ष 2021-22 में तीन गुना (5824 करोड़ रुपये) किया गया, जिससे राज्यांश व्यय करने में मप्र (1260 करोड़ रुपये) प्रथम स्थान पर है।
चौथे स्थान पर है मप्र
पटेल ने बताया कि अगर एक करोड़ से अधिक परिवार वाले राज्यों क्रमशः उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और राजस्थान की बात करें तो नल से जल आच्छादन में मध्य प्रदेश (36.50 प्रतिशत) चौथे स्थान पर है और हर घर जल उपलब्ध कराने के मामले में भी मध्य प्रदेश (3950 ग्राम) चौथे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 8 दिसंबर 2021 को केन-बेतवा नदी को जोड़ने वाले प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट के अस्तित्व में आने के बाद मप्र के कई जिलों को फायदा पहुंचेगा।
पत्रकार वार्ता में पटेल ने कहा कि देश में फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। भारतीय फूड प्रोसेसिंग कंपनियां विश्व के मंच पर अपना मुकाम हासिल करें और वैश्विक ब्रांड के तौर पर उभरें, इसके लिए हर संभव प्रयास सरकार कर रही है। प्रत्येक क्षेत्र विशेष में मान्यता प्राप्त फूड प्रोसेसिंग लैब की स्थापना के भी प्रयास किए जा रहे हैं। पटेल ने कहा कि मध्य प्रदेश में दो मेगा फूड पार्क स्कीम इंडस मेगा फूड पार्क प्राइवेट लिमिटेड, खरगोन और अवंति मेंगा फूड पार्क प्राइवेट लिमिटेड, देवास प्रचालनरत हैं।