मध्य प्रदेश राज्य शिक्षा केंद्र के आयुक्त सह संचालक धनराजू एस को मप्र मानव अधिकार आयोग ने 30 जून 2022 को आयोग में आकर स्पष्टीकरण व प्रतिवेदन देने के आदेश दिए हैं। उनके खिलाफ 5 हजार रुपये का जमानती वारंट भी जारी किया गया है।
धनराजू एस के खिलाफ नोटिस का जवाब न देने पर ये वारंट जारी किया गया है। आयोग ने 2019 में स्कूलों में बाउंड्रीवॉल न बनने से स्टूडेंट्स की सुरक्षा को लेकर जवाब तलब किया था। दरअसल भोपाल के कई स्कूलों समेत रासलाखेड़ी के स्कूल में गंभीर लापरवाही बरती जा रही थी। यहां स्कूल के सामने से हाईवे निकलता है। पिछले हिस्से में रेलवे पटरी भी है। हाईवे पर छात्र दुर्घटना में घायल भी हो चुके हैं। 2001 में स्कूल के निर्माण के समय बाउंड्रीवॉल बनाने की बात कही गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
आयोग ने मामले में संज्ञान लेकर आयुक्त सह संचालक स्कूल शिक्षा से प्रतिवेदन मांगा था, लेकिन आयुक्त की तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया। 9 मई 2022 को आयुक्त को प्रतिवेदन के साथ ही उपस्थित होने को कहा था। इसके बावजूद उनकी तरफ से न तो प्रतिवेदन भेजा गया, न वे खुद उपस्थित हुए। इसके बाद आयोग ने धनराजू एस. को पूर्व में उपस्थित न होने के कारण पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाने संबंधी नामजद कारण बताओ नोटिस देकर 30 जून को आयोग आकर स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए हैं। धनराजू एस. की व्यक्तिशः उपस्थिति के लिए उनके विरुद्ध जारी नोटिस एवं जमानती वारंट की तामीली की जिम्मेदारी अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (शहर), भोपाल को दी गई है।