मध्य प्रदेश मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस पार्ट-1 परीक्षा की कॉपियों का मूल्याकंन 7 महीने में भी पूरा नहीं हो सका है। इससे छात्र परेशान हैं। अगर समय पर रिजल्ट नहीं आया तो एमबीबीएस फाइनल ईयर के छात्रों को नीट पीजी के लिए अपात्र होने का डर है। यूनिवर्सिटी के जिम्मेदार जल्द ही रिजल्ट जारी करने का वादा कर रहे है।
मध्य प्रदेश के मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस फाइनल ईयर पार्ट- 1 के छात्रों की परीक्षा मध्य प्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी ने जून-जुलाई 2021 में ली थी। परीक्षा का मूल्यांकन निजी एजेंसी को ऑनलाइन करना था। यूनिसर्विटी ने एजेंसी की शिकायत पर उसे टर्मिनेट कर दिया। इसकी वजह से फाइनल ईयर पार्ट-1 का रिजल्ट का मूल्यांकन अटक गया। अब यूनिवर्सिटी की तरफ से ऑफलाइन मूल्यांकन कराने की बात कही जा रही है। यही कारण है कि एमबीबीएस पार्ट-1 के छात्रों का रिजल्ट ही जारी नहीं हो पा रहा है।
एमपी जूनियर डॉक्टर यूजी विंग के पूर्व अध्यक्ष आकाश सोनी ने कहा कि छात्रों को समझ में नहीं आ रहा है कि वह क्या करें? दूसरे राज्यों में फाइनल ईयर पार्ट-2 के एग्जाम हो रहे हैं या होने वाले हैं। मध्य प्रदेश में न तो पार्ट-1 का रिजल्ट आया है और न ही पार्ट-2 का शैड्यूल जारी हुआ है। साफ है कि यदि सत्र आगे बढ़ता है तो हमारी इंटर्नशिप भी समय पर पूरी नहीं होगी। इससे पीजी नीट परीक्षा में अपात्र होने की आशंका बन जाएगी। मप्र मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट रजिस्ट्रार डॉ. पंकज बुधोलिया ने कहा कि रिजल्ट अगले सप्ताह तक जारी करने के प्रयास किए जा रहे है। हम ऑफलाइन मूल्यांकन करा रहे हैं।