आईपीएल की नीलामी में इंदौर के आवेश खान पर जमकर धन बरसा। लखनऊ की टीम ने 10 करोड़ रुपये में आवेश को खरीदा। इस लिहाज है आवेश खान आईपीएल के सबसे महंगे अनकैप्ड खिलाड़ी हैं। अनकैप्ड खिलाड़ी वह होता है जिसने एक भी अंतर्राष्ट्रीय मैच न खेला हो।
दरअसल 2017 में आईपीएल में पदार्पण करने वाले आवेश खान आगामी सीजन में लखनऊ की टीम की ओर से गेंदबाजी करते हुए नजर आएंगे। शनिवार को आईपीएल की नीलामी में इंदौर में जन्मे आवेश खान को लखनऊ की टीम सुपर जाएंट्स ने 10 करोड़ रुपये में खरीदा है। आवेश ने 14 अप्रैल 2017 को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से आईपीएल में पदार्पण किया था। इसके बाद 2018 से आवेश दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेल रहे थे। आवेश ने दिल्ली कैपिटल्स की ओर से खेलते हुए 16 मैच में 24 विकेट लिए हैं। आवेश खान का पिछला आईपीएल सीजन काफी अच्छा रहा था और इसी कारण इस बार उन्हें महंगे दामों में खरीदा गया। इंदौर के ही वेंकटेश अय्यर को आईपीएल के लिए कोलकाता नाइट राइडर्स टीम ने 8 करोड़ में रिटेन किया था। वेंकटेश अय्यर एक ऑलराउंडर हैं जिनका पिछला आईपीएल सीजन काफी शानदार रहा था और उन्होंने पिछले सीजन में बैट और बॉल दोनों के साथ ही मैदान पर जोरदार प्रदर्शन किया था। अय्यर की शानदार पारियों की बदौलत कोलकाता की टीम को टूर्नामेंट में कई मैचों में शानदार जीत मिली थी।
इंदौर में हुआ जन्म, 25 आईपीएल मैचों में लिए 29 विकेट
13 दिसंबर 1996 को इंदौर में जन्मे आवेश ने 14 अप्रैल 2017 को इंडियन प्रीमियर लीग में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से आईपीएल में इंट्री की थी। 5 फरवरी 2018 को उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में मध्य प्रदेश की ओर से लिस्ट-ए क्रिकेट में पदार्पण किया। आवेश के पिता आशिक खान की इंदौर में पान की दुकान है। वे अपने बेटे को टेस्ट मैच खेलते देखना चाहते हैं। जब उनसे पूछा गया कि नीलामी के बाद आपकी बेटे से बात हुई क्या, तो उन्होंने बताया कि हां उसका फोन आया था, लेकिन मैंने उससे कहा कि बाद में बात करते हैं। क्योंकि आवाज साफ नहीं आ रही थी। आवेश को अब तक टीम इंडिया के लिए कोई मैच खेलने का मौका नहीं मिल सका है। उन्होंने आईपीएल करियर में कुल 25 मैच खेले हैं, जिसमें 29 विकेट लिए हैं। एडवांस्ड एकेडमी से स्कूली शिक्षा पूरी करने वाले आवेश ने रेनेसा कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट से बीकॉम किया है। वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल के लिए टीम इंडिया में बतौर रिजर्व प्लेयर चुना गया था। पिता के मुताबिक आवेश सिर्फ क्रिकेट खेलने की ही जिद करता था। सब काम छोड़कर क्रिकेट पर ही फोकस करता था। करीब 10 घंटे प्रैक्टिस को ही देता था। आवेश की मां ने बताया कि उन्होंने बेटे को हमेशा क्रिकेट खेलने से रोका था। उन्होंने कहा, मुझे नहीं पता था कि ये एक दिन देश का नाम रोशन करेगा। बेटे को अच्छा खेलते देखना चाहती हूं।
रिकॉर्ड कीमत की उम्मीद नहीं थी
आवेश का कहना है कि मुझे भी उम्मीद नहीं थी कि रिकॉर्ड कीमत मिलेगी। मैं तो भारतीय टीम के साथ कोलकाता की फ्लाइट में बैठा था और इंदौर के दोस्त वेंकटेश से चर्चा कर रहा था। बाद में वेंकटेश ने ही मुझे लखनऊ टीम से जुड़ने की खबर दी। मैंने अभी तक भारतीय टीम के लिए पदार्पण नहीं किया है। अनकैप्ड खिलाड़ियों के लिए नीलामी में तीन वर्ग होते हैं। इसलिए मैंने आधार मूल्य 20 लाख रुपये रखा था। मुझे अपने प्रदर्शन के कारण उम्मीद थी कि ज्यादा कीमत मिलेगी। आवेश के अनुसार मेरी कोशिश रहेगी कि इंदौर का नाम रोशन करूं। प्रदेश और देश का नाम रोशन करूं। खुशी है कि परिवार और माता-पिता का नाम रोशन किया है। जिनको भी पता है कि मेरा टीम में चयन हुआ है, उनकी बधाई मिल रही है। आज मैं गली से ही क्रिकेट खेलकर यहां पहुंचा हूं। जब भी देश के लिए खेलूंगा, निश्चित तौर अपना शत प्रतिशत दूंगा। सब इंदौर की ही देन है।