मध्य प्रदेश में बीते दिन घटित हुए चार अलग-अलग मामलों पर मानवाधिकार आयोग की नजर पड़ी है। मानव अधिकार आयोग के माननीय अध्यक्ष न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार जैन ने मानव अधिकार हनन से जुड़े इन चार मामलों में संज्ञान लेकर संबंधितों से जवाब मांगा है।
पहला मामला इंदौर का है। जहां पुलिस ने युवक को अर्धनग्न कर पीटा था। मामले में तीन सस्पेंड हो चुके हैं। इस मामले में आयोग ने पुलिस कमिश्नर, इंदौर से रिपोर्ट बुलाई है। बता दें कि इंदौर में बीते शनिवार की देर रात पुलिस ने बीच सड़क एक युवक को अर्धनग्न कर जमकर पीटा था। पुलिसकर्मियों ने ना केवल उसके सारे कपड़े उतार दिए, बल्कि घसीटकर उसे सड़क किनारे ले गए और फिर लात-घूंसों से पीटने लगे। घटना के वायरल वीडियो की पुष्टि होने के बाद पुलिस कमिश्नर ने हीरानगर थाने के तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। पुलिसकर्मी जब युवक को पीट रहे थे, उसी वक्त राहगीरों ने घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर उसे वायरल कर दिया। जांच में सामने आया कि यह वीडियो एम.आर. 10 के चंद्रगुप्त चैराहे का है। बीते शनिवार रात में पुलिस को एक शराबी के हंगामा मचाने की सूचना मिली थी। इसके बाद हीरानगर थाने के सिपाही रणवीरसिंह राणा, राजू लाल और चेतन सिसौदिया मौके पर पहुंचे और उन्होंने युवक के साथ मारपीट की। मामले में मप्र मानव अधिकार आयोग ने रिपोर्ट मांगी है।
कुत्तों के झुंड ने बालक को नोचा, धार कलेक्टर दें जवाब
दूसरा मामला धार का है। जिले के पाडल्या गांव में आवारा कुत्तों के हमले से बीते गुरुवार को एक बालक यश पिता तुफान सिंह (4 वर्ष) घायल हो गया। खेत पर परिवार के सदस्य थ्रेसर से चने निकाल रहे थे और बालक खेत में ही चने खा रहा था। इस दौरान आवारा कुत्तों के झुंड ने बालक पर हमला कर दिया। इससे बालक के चेहरे, छाती और पीठ पर घाव हो गया। बालक की चीख-पुकार सुनकर परिजन दौड़े और नोच रहे कुत्तों से छुड़ाया। परिजन बालक को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां इलाज किया जा रहा है। मामले में मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर, धार से एक माह में जवाब मांगा है।
जेल में कैदी ने जीभ और कलाई काटी, जेल अधीक्षक बताएं कैसे और क्यों हुआ ये
आयोग ने जिन मामलों में जवाब मांगा है, उसमें तीसरा मामला शहडोल का है। आरोपी अशीष सिंह अनुपपुर को कोर्ट ने 10 वर्ष की सजा सुनाई थी और बीते तीन माह से शहडोल जेल में सजा काट रहा था। बीते बुधवार को शाम 4 बजे कैदी तक धारदार सामान पहुंचा था। मामले में मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग ने जेल अधीक्षक, शहडोल से एक माह में जवाब मांगा है।
किसान को सीएम हेल्पलाइन में शिकायत करना पड़ा मंहगा
विदिशा जिले की शमशाबाद तहसील के संग्रामपुर गांव के सहरिया जाति के किसान को प्रधानमंत्री सम्मान निधि के लिए दूसरी बार सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करना महंगा पड़ गया। किसान तख्तसिंह सहरिया का आरोप है कि शमशाबाद एसडीएम ने उन पर शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया। जब उसने शिकायत वापस लेने से इनकार किया तो एसडीएम ने उन्हें दिन भर पुलिस थाने में बैठाकर रखा। इधर, एसडीएम ने इस आरोप से इनकार किया है। उनका कहना है, कि किसान कार्यालय में आकर हंगामा कर रहा था इसलिए उसे पुलिस की मदद से कार्यालय के बाहर किया था। मामले में मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक, विदिशा से एक माह में जवाब मांगा है।