मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान
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मध्यप्रदेश में जारी सियासी संकट के बीच पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को प्रदेश के अफसरों को अपने ही अंदाज में चेतावनी दे डाली। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारी इनके कहने पर काम कर रहे हैं। मैं उन अधिकारियों को चेतावनी देना चाहता हूं। मेरे पास तुरंत खबर आती है। एक-एक की सूची बना रहा हूं। जो गलत काम कर रहे हैं उनको हम छोड़ेंगे नहीं।
कमलनाथ ने बैठक बुलाई, कांग्रेस भी सुप्रीम कोर्ट पहुंची
इससे पहले मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंगलवार को अपने आवास पर विधायक दल की बैठक बुलाई। वहीं कांग्रेस ने बंगलूरू में ठहरे अपने विधायकों के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। पार्टी ने मंगलवार को इन विधायकों से संवाद के लिए संपर्क साधने की मंजूरी देने के लिए सुप्रीम कोर्ट से केंद्र सरकार और कर्नाटक सरकार को निर्देश देने की गुहार लगाई है।
राज्यपाल से मिले भाजपा नेता
इससे पहले दिन में मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात के लिए भाजपा नेता राजभवन पहुंचे। भाजपा नेताओं में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, गोपाल भार्गव, भूपेंद्र सिंह और वीडी शर्मा शामिल थे।
कम अदालत में मौजूद रहेंगे हमारे वकील: पीसी शर्मा
मध्यप्रदेश के मंत्री पीसी शर्मा ने कहा, 'आज उच्चतम न्यायालय ने मुख्यमंत्री कमलनाथ, विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति और कांग्रेस पार्टी को नोटिस जारी किया है। कम हमारे वकील अदालत में मौजूद रहेंगे और हमें उच्चतम न्यायालय और न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है।'
कमलनाथ झूठ बोल रहे हैं: नरोत्तम मिश्रा
भाजपा के मध्यप्रदेश के चीफ व्हिप नरोत्तम मिश्रा ने कहा, 'मैंने कल एक टीवी चैनल पर मुख्यमंत्री को यह कहते हुए सुना की भाजपा अविश्वास प्रस्ताव लेकर आई है। यह झूठ है। यह उनकी बचने की युक्ति है। वह झूठ क्यों बोल रहे हैं? हम कह रहे हैं कि हमने कोई नोटिस नहीं दिया है।
राज्यपाल ने उन्हें बहुमत साबित करने के लिए कहा है। हमने सरकार के खिलाफ अपने हस्ताक्षर दिए हैं और वह इसे अविश्वास प्रश्ताव कह रहे हैं। उनका कहना है कि बंधक बनाए गए विधायकों को मीडिया के सामने आना चाहिए, आज वह मीडिया के सामने आए थे।'