जहां एक तरफ बेटियों को शिक्षित करने के लिए सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के लिए अभियान चला रही है। वहीं दूसरी तरफ लोगों द्वारा बेटियों के साथ ऑनर किलिंग के मामले सामने आ रहे हैं। अभी हाल ही में राजस्थान ने ऑनर किलिंग को लेकर कानून बनाने वाला पहला राज्य बना।
वहीं भोपाल में एक मामला सामने आया जिसमें पिता ने साफ कह दिया कि अगर उसकी बेटी ने दूसरे जाति में शादी की तो गोली मार देंगे।
जिला विधिक प्राधिकरण में कराए गए काउंसलिंग के बाद भी लड़की के पिता उसकी शादी कराने को तैयार नहीं हुए। जिसके बाद न्यायाधीश ने कहा कि लड़की बालिग है, हम उसकी शादी उसके पसंद की लड़के से कराएंगे। इस मामले में प्राधिकरण के सचिव और न्यायाधीश आशुतोष मिश्रा एवं बाल विकास और एसडीएम को शादी कराने के संबंध कार्रवाई और लड़की को सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिए हैं।
दरअसल, पिछले साल जीआरपी को एक किशोरी भोपाल स्टेशन पर अकेले मिली। वह घर पर बिना बताए अपने प्रेमी से मिलने आई थी। जीआरपी द्वारा पूछताछ में युवती ने बताया कि वह रायसेन से हैं। जिसके बाद उसे बालिका गृह में भेज दिया गया। उसने वहां से भागने की कोशिश की भी लेकिन उसे भागने नहीं दिया गया।
मामले को लेकर बाल कल्याण समिति ने किशोरी के मात-पिता को बुलाया। इस दौरान पता चला कि किशोरी एक युवक से प्यार करती है और उससे शादी करना चाहती है। लेकिन माता पिता नहीं चाहते कि वह अपनी मर्जी से शादी करे। मामले की गंभीरता को देखते हुए समिति ने मामले की जानकारी जिला विधिक प्राधिकरण को दी।
न्यायाधीश ने बताया कि युवक और युवती के परिजन को बुलाकर उनकी काउंसलिंग कराई गई। जिसके बाद लड़के के परिजन तो शादी के लिए तैयार हो गए लेकिन लड़की के परिजनों ने दूसरी जाति का हवाला देते हुए शादी से इनकार कर दिया।
लड़की के परिजनों ने कहा कि अगर उनकी लड़की ने किसी दूसरी जाति के लड़के से शादी की तो दोनों को मार दिया जाएगा। जिसके बाद न्यायाधीश ने दोनों को सुरक्षा प्रदान कर शादी कराने का आदेश दिया।