मध्य प्रदेश में किसान विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस विधायक ने किसानों का समर्थन करते हुए शीर्षासन करके अपना विरोध जताया। जिलाधिकारी के समक्ष विभिन्न मांगों का ज्ञापन सौपने पहुंचे किसानों का ज्ञापन लेने नहीं आने पर विधायक ने इस तरह अपना विरोध जताया। हालांकि, श्योपुर के जिलाधिकारी राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि वह ज्ञापन लेने गए थे।
कलेक्ट्रेट की दीवार पर किसानों ने चिपकाया अपना ज्ञापन
यह घटना सोमवार शाम को हुई जब कांग्रेस विधायक बाबू सिंह जंडेल अपने समर्थकों और किसानों के साथ अटल एक्सप्रेस वे प्रोजेक्ट में भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों की जमीन के मुआवजे की मांग के लिए कलेक्ट्रेट गए। उन्होंने क्षेत्र में मुजहरी बांध के निर्माण और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी गई गेहूं की फसल के लिए बोनस की मंजूरी की भी मांग की। श्रीवास्तव के ज्ञापन लेने नहीं आने पर जंडेल नाराज हो गए।
उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी ने ज्ञापन लेने के लिए उप-विभागीय मजिस्ट्रेट रूपेश उपाध्याय को भेजा। जंडेल और उनके समर्थकों ने अपनी शर्ट उतार दी और विधायक ने किसानों की मांगों की ओर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने के लिए शीर्षासन किया। दो घंटे तक प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन करने के बाद किसानों ने कलेक्ट्रेट की दीवार पर अपना ज्ञापन चिपकाया और वापस चले गए।
जंडेल ने कहा कि हमने दो घंटे से अधिक समय तक कलेक्ट्रेट के सामने विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन जिलाधिकारी किसानों का ज्ञापन लेने नहीं आए। श्रीवास्तव से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि मैं ज्ञापन लेने गया था। हालांकि, उन्होंने इस मुद्दे पर किसी भी प्रश्न का उत्तर देने से इनकार कर दिया।