सूबे के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि भाजपा एमपी में अब तक की सबसे अधिक सीटें जीतकर सरकार बनाने जा रही है। एमपी ने पहले दिग्विजय की बंटाधार सरकार देखी, फिर कमलनाथ की करप्शन, क्राइम व कमीशन के मॉडल को भी देख लिया। जनता कांग्रेस को मौका देने वाली नहीं है। अभी मैं ही मुख्यमंत्री हूं। पार्टी ने केंद्रीय मंत्रियों व सांसदों को रणनीति के तहत चुनाव लड़ाया है। सांसद गणेश सिंह का प्रचार करने सतना पहुंचे मुख्यमंत्री शिवराज ने 'अमर उजाला' से विस्तार से बातचीत की-
तीन केंद्रीय मंत्री, चार-चार सांसद...सत्ता विरोधी लहर कम करने के लिए दांव है या चेहरा बदलने के लिए विकल्प?
प्रचार तेज हो गया है। आप एक दिन में कई-कई सभाएं और रोड शो कर रहे हैं? चुनाव किस दिशा में जाएगा?
चुनाव सेे पहले हर विधानसभा क्षेत्र तक पहुंचना है। एमपी का चुनाव विकास और जनकल्याण के मुद्दे पर ही केंद्रित हो रहा है। कांग्रेस ने भटकाने का प्रयास जरूर किया। लेकिन, यहां की जनता ने कांग्रेसराज और भाजपा सरकार का काम देखा है। आज एमपी स्वच्छता सहित केंद्र की तमाम योजनाओं में नंबर-एक है। जनता के दिमाग में अब विकास बस चुका है। वह विकास ही सुनना चाहती है और विकास करने वाले को ही चुनती है।
आपकी नजर में इस चुनाव के मुद्दे क्या हैं?
कांग्रेस हिंदुत्व पर आपको घेर रही है।
कांग्रेस और उसके नेता हिंदुत्व का मुद्दा उठाकर चुनाव को भटकाना चाहते हैं। हमारे लिए हिंदुत्व कोई चुनावी मुद्दा नहीं है। चुनाव का मुद्दा विकास है सिर्फ विकास। हिंदुत्व आस्था व विश्वास का विषय है। इसे कांग्रेस वाले न तो अब तक समझ पाए और न ही आगे समझ सकते हैं।
जनता आपको 5वीं बार क्यों चुने?
मैं प्रदेश को परिवार की तरह चलाता हूं। कांग्रेस के जमाने में न तो राज्य में सड़कें थीं और न ही बिजली आती थी। सिंचाई पर ध्यान नहीं था। जनता बंटाधार सरकार कहने लगी थी। अब लाडली बहना योजना के बारे में किसी से पूछ लीजिए। किसानों को 12 हजार रुपये सालाना दे रहे हैं। 6,000 केंद्र दे रहा है, 6,000 रुपये राज्य सरकार ने मिलाया। ऐसा कौन कर रहा है? सरकारी भर्तियां कीं और कर रहे हैं। जो कहा, कर दिखाया। इसलिए जनता शिवराज के साथ खड़ी है। एमपी की सशक्त भागीदारी आगे भी जारी रहे इसलिए जनता पांचवीं बार फिर भाजपा को मौका देने जा रही है।
पटवारी भर्ती में कार्रवाई नहीं, युवा सवाल कर रहे हैं।
कांग्रेसराज में भर्तियों के नाम पर भ्रष्टाचार हुआ। भर्तियां वर्षों तक लटकती रहीं। मैंने भर्तियां नियमित कीं। पटवारी भर्ती एकमात्र भर्ती है, जिस पर सवाल उठे हैं। इसकी तह तक जाने और दोषियों को सख्त सजा देने के लिए ही सेवानिवृत्त न्यायाधीश से जांच करा रहे हैं। रिपोर्ट पर आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
कांग्रेस कह रही है कि वह सत्ता में आ रही है।
बात काटते हुए... जिस व्यक्ति ने पैसा न होने का रोना रोकर मेरी सरकार में शुरू की गई जनकल्याण की योजनाएं बंद कर दी हो। हमारी सरकार आदिवासियों को जूते, चप्पल, पानी की कुप्पी और साड़ी दे रही थी। कमलनाथ ने आते ही बंद कर दिया। जिसने सत्ता में आते ही बैगा, सहरिया, भारिया बहनों के पैसे रोक दिए हों। जिसने संबल योजना बंद कर दी हो। कर्जमाफी की बजाय किसानों पर ब्याज लादकर चले गए। सवा साल में सीएम सचिवालय को करप्शन व बिचौलियों का अड्डा बना दिया हो। जनता जानती है, कांग्रेस गरीब विरोधी, बहन और आदिवासी विरोधी हैं। ऐसी पार्टी को जनता लाने वाली नहीं है।
सतना के युवा कह रहे हैं कि यहां सबसे ज्यादा सीमेंट फैक्टरियां हैं। लेकिन, स्थानीय को रोजगार नहीं मिलता।
युवाओं को रोजगार के अच्छे अवसर मिलें इसके लिए स्किल डवलपमेंट की जरूरत है। इसके लिए भोपाल में ग्लोबल स्किल सेंटर बनाया है। सतना में भी यह सेंटर बनाएंगे। उद्योगों में 70 प्रतिशत अवसर स्थानीय युवाओं को देने की व्यवस्था कर रहे हैं। हम अगली बार सत्ता में आने पर हर परिवार से एक सदस्य को रोजगार देंगे।
भाजपा रेवड़ी कल्चर के खिलाफ रही है। आपने तमाम लुभावनी योजनाओं का एलान कर दिया। क्या एमपी की अर्थव्यवस्था इस बोझ को उठाने में सक्षम है?
लोककल्याण भी जिम्मेदारी है। अक्षम व संसाधन विहीन की चिंता कौन करेगा? सरकार कल्याणकारी राज्य व विकसित एमपी के मंत्र के साथ आगे बढ़ रही है। सरकार ने चौतरफा प्रयास किए हैं। इन्फ्रास्ट्रक्चर रहे हैं। यहां उद्योग लग रहे हैं, निवेश आ रहा है। ऐसे में एमपी की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। कांग्रेस ने कभी इस ओर सोचा ही नहीं। जनता के काम के लिए पैसे की जरूरत होती है और इसके लिए रास्ता निकालना होता है। हम प्राथमिकता तय कर रहे हैं।
भ्रष्टाचार कांग्रेस का मुद्दा है।
ये खुद भ्रष्टाचारी हैं, इसलिए इन्हें हर जगह भ्रष्टाचार ही दिखता है। कमलनाथ ने अपने राज में करप्शन, कमीशन और क्राइम का मॉडल दिया। जनता ने डेढ़ वर्ष में त्राहि-त्राहि कर दिया। शिवराज ने कहा कि मेरी सरकार की लाभार्थीपरक योजनाओं के भुगतान डीबीटी से लाभार्थी के बैंक खाते में हो रहे हैं। जनता सब जानती है।