दिग्विजय सिंह के करीबियों में से एक महेश पटेल
जोबट विधानसभा सीट से कांग्रेस ने महेश पटेल को अपना उम्मीदवार तय किया है। पटेल आलीराजपुर के जिला अध्यक्ष हैं और क्षेत्र के दिग्गज कांग्रेसी नेताओं में से एक हैं। पहले सीट से पूर्व विधायक सुलोचना रावत प्रबल दावेदार थीं, लेकिन उनके पार्टी छोड़कर भाजपा में जाने के बाद महेश पटेल ही टिकट के एक मात्र दावेदार बचे थे। महेश के परिवार को राजनीतिक तौर पर दिग्विजय सिंह का करीबी माना जाता है। महेश पटेल के पिता वेस्ता पटेल भी कांग्रेस के विधायक रहे हैं। उनके भाई मुकेश पटेल फिलहाल अलीराजपुर से विधायक हैं। इसके पहले वे आलीराजपुर सीट से विधायक का चुनाव लड़े, लेकिन भाजपा के नागर सिंह चौहान से चुनाव हार गए थे। 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने महेश पटेल के बजाय उनके भाई मुकेश पटेल को टिकट दिया और वह अलीराजपुर सीट से चुनाव जीतकर विधायक बने।
कांग्रेस के सर्वे में आगे रही कल्पना
कांग्रेस ने जिला पंचायत सतना के वार्ड नंबर दो से जिला पंचायत सदस्य कल्पना वर्मा को कांग्रेस ने रैगांव उपचुनाव में अपना उम्मीदवार बनाया हैं। कल्पना 2018 के विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस की उम्मीदवार रही हैं। तब वे भाजपा के जुगुल किशोर बागरी से 18 हजार मतों के अंतर से हार गई थीं। ढाई दशक में यह पहला मौका था, जब रैगांव में कांग्रेस दूसरे नंबर तक पहुंची थी। बताया जाता है कि कांग्रेस की सर्वे रिपोर्ट में कल्पना का नाम सबसे आगे था। वैसे कल्पना को अजय सिंह राहुल भैया का करीबी माना जाता है। लेकिन हाल फिल्हाल में उन्हें कमलनाथ के गुट का माने जाने लगा है। पिछली बार अजय सिंह राहुल ने कल्पना के पक्ष में जबरदस्त लॉबिंग की थी।
विधानसभा उपचुनाव और खंडवा लोकसभा सीट के लिए प्रदेश में 30 अक्तूबर को वोटिंग होगी। दो नवंबर को मतगणना होगी। खंडवा लोकसभा सीट पर सांसद नंदकुमार सिंह चौहान के कोरोना से निधन होने पर सीट खाली हुई थी।