मध्य प्रदेश के तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने सीधी जिले के आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त पर नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। संघ के अध्यक्ष एल।पी सिंह ने इस मामले में जिलाधिकारी और आदिम जाति कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव से शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त आनंद मिश्रा ने सरकारी वाहन का प्रयोग निजी कार्य के लिए किया है।
पत्र में लिखा है कि निजी पंजीकृत वाहन को कलेक्टर दर से अधिक दर पर प्रतिमाह के किराये पर लगाया गया है, जिसके लिए विज्ञापन आमंत्रित किया गया था, किन्तु विज्ञापन में किसी भी वाहन मालिक द्वारा निविदा नहीं डाली गई, शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि शासकीय कार्य हेतु वाहन को लगाया जाता है तो टैक्सीपास वाहन होना चाहिए। जबकि लगाया गया वाहन टैक्सी परमिट नहीं है। जिससे स्पष्ट है कि निविदा आमंत्रित प्रक्रिया मात्र दिखावे के लिए करके अपने वाहन मालिक से मोटी रकम लेकर कागजी कार्यवाही पूर्ण की गई है। लगाया गया वाहन शासन के नियम के विपरीत है जिसे शासन को शासकीय राजस्व की हानि होती है, टैक्सीपास वाहन में शासन को राजस्व से लाभ होता है।
संघ की तरफ से इस मामले में जिला परिवहन अधिकारी से वाहन को जप्त कराकर दोषी अधिकारी एवं वाहन मालिक के खिलाफ कार्यवाही करने का अनुरोध किया गया है।