शिवराज का केंद्र की राजनीति में जाने से इनकार
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मध्यप्रदेश में सत्ता गंवाने के बाद पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान केंद्र की राजनीति में नहीं जाना चाहते। उन्होंने इसे लेकर अपनी मंशा साफ कर दी है। आज पत्रकारों से बातचीत में चौहान ने कहा, मैं केंद्र में नहीं जाऊंगा, मैं मध्यप्रदेश में रहूंगा और मध्यप्रदेश में ही मरूंगा। बता दें कि प्रदेश में हार के बाद भाजपा में मंथन का दौर चल रहा है। कयास शिवराज चौहान को केंद्र की राजनीति में भेजे जाने के भी लग रहे हैं।
चुनाव में हार के बाद शिवराज चौहान ने 12 दिसंबर को अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया था। उन्होंने हार की जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए कहा था कि मैं जनादेश स्वीकार करता हूं। उन्होंने कहा कि अब विपक्ष में रहकर जनता की लड़ाई को जारी रखूंगा।
मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने भाजपा के लगातार 15 साल के शासन का अंत किया है। चुनाव में कांग्रेस को 114 और भाजपा को 109 सीटें मिलीं। कांग्रेस बहुमत से दो अंक दूर रह गई लेकिन बसपा और निर्दलीयों के समर्थन से अब वह सरकार बनाने जा रही है। हालांकि सीएम पद को लेकर कांग्रेस में माथापच्ची जारी है। कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया दोनों ही दावेदार बनकर उभरे हैं।