डिजिटल इंडिया अभियान को देखते हुए अब चुनाव आयोग भी हाई टेक हो गया है। मतदाताओं को मतदान के दौरान लंबी कतारों से निजात दिलाने के लिए आयोग ने क्यूलेस (कतार मुक्त) नाम का मोबाइल एप्लिकेशन जारी किया है। इसकी शुरुआत प्रदेश के चार महानगरों में ट्रायल के तौर पर की गई है। यह मतदाता को वोट डालने का समय बताएगा।
ट्रायल के तौर पर हुई शुरुआत
चुनाव आयोग ने इस ऐप को ट्रायल के तौर पर शुरू किया है। शुरुआत में इस ऐप की मदद से वोट डालने की सुविधा हर विधानसभा क्षेत्र के पांच मतदान केंद्रों पर उपलब्ध रहेगी। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर चार महानगरों के लिए यह इस बार विधानसभा चुनाव में काम करेगी। इसके लिए हर विधानसभा से पांच-पांच मतदान केंद्रों की सूची आयोग ने इन जिलों से मांगी है।
वाउचर दिखाकर होगा मतदान
ऐप डाउनलोड करके मतदाता को इस पर अपना रजिस्ट्रशन करना होगा। इसके बाद समय बताने वाला वाउचर जेनरेट होगा। मतदाता अपने समय पर मतदान केंद्र जाकर मताधिकार का उपयोग कर सकते हैं। मतदाता को यह वाउचर बीएलओ को दिखाना होगा। ऐप के माध्यम से आयोग का उद्देश्य है कि कोई भी मतदाता कतार में खड़े होने से बचने के लिए मतदान से वंचित न रह जाए।
इसके अलावा आयोग ने मतदान का रियल टाइम डाटा पाने के लिए मत प्रतिशत नाम का ऐप जारी किया है। इसकी सहायता से पीठासीन अधिकारी मतदान प्रतिशत रियल टाइम में सीधे चुनाव आयोग को भेज सकता है। पीठासीन अधिकारी इस ऐप के माध्यम से रजिस्टर कर वोट काउंट डालता जाएगा।
मतदान केंद्र क्रमांक से जेनरेट होगा वाउचर
मोबाइल पर आयोग की QLess नाम की एप्लिकेशन मतदाता को डाउनलोड करना होगी। इसके बाद इसमें अपने वोटर कार्ड नंबर और मोबाइल नंबर के जरिए रजिस्ट्रेशन करना होगा। मतदाता को वोटर स्लिप के जरिए मतदान केंद्र क्रमांक डालने के बाद वाउचर जेनरेट होगा। वोटर को ऐप के जरिए उसके मतदान केंद्र पर वोट डालने के लिए निर्धारित समय मिल जाएगा। इसी समय पर सीधे जाकर वह वाउचर दिखाकर वोट डाल सकेगा।