मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम्, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों में शनिवार को नेशनल लोक अदालत आयोजित की गई। इसमें बिजली की अनियमितताओं के कुल 9 हजार 397 प्रकरणों में समझौता करने पर बिजली उपभोक्ताओं को 5 करोड़ 23 लाख से अधिक की राहत प्रदान की गई। कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं से 13 करोड़ 95 लाख से अधिक राजस्व वसूल किया गया है।
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम्, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों में शनिवार को नेशनल लोक अदालत आयोजित की गई। इसमें बिजली की अनियमितताओं के कुल 9 हजार 397 प्रकरणों में समझौता करने पर बिजली उपभोक्ताओं को 5 करोड़ 23 लाख से अधिक की राहत प्रदान की गई। कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं से 13 करोड़ 95 लाख से अधिक राजस्व वसूल किया गया है।
नेशनल लोक अदालत में निराकृत हुए कुल 9 हजार 397 प्रकरणों में से न्यायालयों में लंबित 1 हजार 764 प्रकरणों में समझौता कर संबंधित उपभोक्ताओं ने 20 प्रतिशत छूट के साथ लंबित मुकदमों की कार्यवाही से निजात पाई। जबकि लोक अदालत में 7 हजार 633 ऐसे प्रकरणों में भी समझौता किया गया जो न्यायालय में पंजीबद्ध नहीं हुए थे। इन प्रकरणों को प्रीलिटिगेशन प्रक्रिया के तहत निराकृत कराकर उपभोक्ताओं को 30 प्रतिशत छूट के साथ न्यायालयीन कार्रवाई से मुक्ति प्रदान की गई। उल्लेखनीय है कि लोक अदालत में निराकृत हुए धारा 126 एवं 135 के सभी प्रकरणों में संपूर्ण ब्याज राशि में शत-प्रतिशत छूट प्रदान की गई।
गौरतलब है कि कंपनी द्वारा लोक अदालत में निम्नदाब श्रेणी के समस्त घरेलू उपभोक्ताओं, समस्त कृषि उपभोक्ताओं, 5 किलोवॉट तक के गैर घरेलू तथा 10 एचपी तक भार वाले औद्योगिक बिजली उपभोक्ताओं को समझौता करने पर छूट की पात्रता प्रदान की गई थी।