मध्यप्रदेश सरकार द्वारा खोजी कुत्तों के तबादले किए जाने के बाद करीब 25 जिलों के हैंडलर मंगलवार को तबादले को रुकवाने के लिए पुलिस मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने आवेदन के माध्यम से गुहार लगाई कि नए माहौल में कुत्तों को ढलने में समय लगेगा। ऐसे में वे बीमार पड़ सकते हैं। साथ ही कुत्तों की सूंघने की क्षमता भी प्रभावित होगी। इसलिए तबादले के आदेश को निरस्त किया जाए या पड़ोसी जिलों में तबादले किए जाएं।
वहीं दूसरी तरफ खोजी कुत्तों व उनके हैंडलर्स के दबादले के विवाद ने तूल पकड़ना शुरू कर दिया है। अभी हाल ही में कांग्रेस के नेता खोजी कुत्तों के दबादले की सूची को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष शिवराज सिंह चौहान के घर पहुंचे।
ये सूची उन कुत्तों की है जिनके दबादले शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में किए गए। कांग्रेस के नेताओं ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार भी पुलिस के खोजी कुत्तों और उनके हैंडलर्स के तबादले के आदेश 63 बार जारी कर चुकी है।
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने कहा कि प्रदेश में 13 वर्ष तक मुख्यमंत्री रहे शिवराज सिंह चौहान मुद्दों के अभाव में कुत्तों के तबादले पर राजनीति कर रहे हैं। वह बचकाने बयान दे रहे हैं, जो कि बेहद शर्मनाक हैं।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार में हुए डॉग हैंडलर्स के तबादले के एक आदेश को आधार बनाकर वह बयानबाजी कर रहे हैं, जबकि उन्हें यह भली-भांति ज्ञात होना चाहिए कि यह ट्रांसफर एक सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।