मध्यप्रदेश के छिंदवाडा जिले की एक अदालत ने महिलाओं के झगडे़ में बीच बचाव करने का प्रयास करने वाली युवती को जिंदा जलाकर मार डालने वाले पांच आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
अपर सत्र न्यायाधीश आर.आर.वामनिया ने अपने फैसले में 17 वर्षीय रूबी खान को जिंदा जलाकर मार डालने वाले आरोपियों शांति बाई, उसके पति मथुरा और कौशल्या बाई को आजीवन कारावास और पांच-पांच सौ रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।
अभियोजन के अनुसार छिंदवाड़ा शहर झोपड पट्टा इलाके के बैल बाजार में 17 अगस्त 2011 को शांति बाई और कौशल्या बाई के बीच हो रहे झगडे को शांत कराने के उद्देश्य से पडो़सी रूबी ने बीच बचाव किया।
दोनो महिलाओं को बीच बचाव करना सहन नही हुआ और झगडा छोड रूबी को सबक सिखाने के इरादे से उसके घर पर हमला बोल दिया।
जिसमें शांति बाई का पति मथुरा भी शामिल हो गया। इसके बाद तीनों आरोपियों ने मारपीट की और प्रतिरोध करने पर रूबी के शरीर पर कैरोसिन का तेल डालकर आग लगा दी।
आग लगाने से गंभीर रूप से घायल रूबी की चार दिन बाद इलाज के दौरान अस्पताल में मृत्यु हो गई थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया था।