फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कृषि विज्ञान केंद्र का कमलनाथ सरकार को सुझाव, IIFA में फिल्मी सितारों को 'कड़कनाथ' परोसें

Mon, 24 Feb 2020 05:32 AM IST
योगेश साहू न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झाबुआ
विज्ञापन
1 of 6
कड़कनाथ मुर्गा
मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार को कृषि विज्ञान केंद्र झाबुआ (कड़कनाथ रिसर्च सेंटर) के एक वैज्ञानिक ने आईफा अवार्ड समारोह में आने वाले फिल्मी सितारों को कड़कनाथ मुर्गे का मांस परोसने का सुझाव दिया है। बता दें कि प्रदेश के इंदौर में अगले महीने होने वाले आईफा अवार्ड में भाग लेने के लिए कई बॉलीबुड सितारों के पहुंचने की संभावना है। 

कृषि विज्ञान केंद्र झाबुआ के प्रमुख एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक आई एस तोमर ने शनिवार को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिख कर कहा है कि आपने एक ब्लॉग में इंदौर में 27-29 मार्च को होने वाले आईफा अवार्ड 2020 को प्रदेश के आदिवासियों को समर्पित किया है।

इस संबंध में मेरा सुझाव है कि पश्चिम मध्यप्रदेश के आदिवासी अंचल झाबुआ के प्रसिद्ध कड़कनाथ मुर्गे का मांस इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले फिल्मी सितारों को कम से कम एक दिन परोसा जाए। क्योंकि यह मुर्गा कम मात्रा में फैट और भरपूर मात्रा में प्रोटीन एवं आयरन के लिए पूरे देश में अपनी अलग पहचान बना चुका है।
विज्ञापन

पिछले साल ही मध्यप्रदेश को मिला है जीआई टैग

2 of 6
Kadaknath
बता दें कि मध्यप्रदेश के आदिवासी अंचल झाबुआ और इसके आसपास के दूसरे इलाकों में कड़कनाथ मुर्गे का मांस काफी प्रचलन में है। तोमर ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि कड़कनाथ मुर्गे के अलावा मेरा आपसे अनुरोध है कि इस क्षेत्र का दाल-पानिया भी प्रसिद्ध व्यंजन है, इसे भी इन फिल्मी सितारों को इस कार्यक्रम के दौरान खाने में परोसा जाए।

उन्होंने कहा कि इसका सीधा फायदा यहां के आदिवासियों बहुल क्षेत्र को होगा और क्षेत्र में रोजगार के नए साधन खुलेंगे। बता दें कि कड़कनाथ मुर्गों के लिए मध्यप्रदेश को जीआई टैग (भौगोलिक संकेतक) पिछले साल ही मिला है और प्रदेश में कड़कनाथ मुर्गे सबसे ज्यादा झाबुआ में ही पाए जाते हैं।
विज्ञापन

'काला सोना' है कड़कनाथ

3 of 6
kadaknath
कड़कनाथ मुर्गे का पेटेंट कराने के लिए मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की सरकारों के बीच विवाद की स्थिति रही थी। हालांकि मध्यप्रदेश सरकार को इसका पेटेंट बीते साल ही मिला है। एक समय कड़कनाथ का एक-एक अंडा सत्तर-सत्तर रुपए तक में बिक रहा था। जबकि चिकन की कीमत करीब नौ सौ रुपए प्रति किलो के आसपास थी। वहीं ऑनलाइन इसके अंडे की कीमत सौ रुपए से ज्यादा है। यही वजह है कि मध्य प्रदेश के अलावा छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, तमिलनाडू, आंध्र प्रदेश में भी पालक इससे अच्छी-खासी कमाई कर रहे हैं। कारोबारियों के लिए कड़कनाथ मुर्गा 'काला सोना' के समान माना जाता है। कड़कनाथ मुर्गे का पोल्ट्री फॉर्म खोलने के लिए इंडिया मार्ट पर मौजूद सेलर्स से कांटेक्ट कर ये मुर्गे प्राप्त किए जा सकते हैं।

औषधीय गुणों के लिए मशहूर 

4 of 6
kadaknath
कड़कनाथ मुर्गा अपने स्वाद और औषधीय गुणों के लिए भी मशहूर है। इसका खून, मांस और शरीर काले रंग का होता है। अन्य मुर्गों की तुलना में इसके मीट में प्रोटीन अधिक मात्रा में होता है और कोलेस्ट्रोल का स्तर कम होता है। इसमें 18 तरह के आवश्यक अमीनो एसिड भी पाए जाते हैं। इसके मीट में विटामिन बी-1, बी-2, बी-6, बी-12, सी और ई की मात्रा भी अधिक पाई जाती है। यह औषधि के रुप में नर्वस डिसऑर्डर को ठीक करने के काम में भी आता है।
विज्ञापन

कड़कनाथ मुर्गा और मुर्गी की शादी की मची थी धूम

5 of 6
kadaknath
बता दें कि साल 2018 में दंतेवाड़ा में कड़कनाथ मुर्गा और मुर्गी की अनोखी शादी की काफी धूम मची थी। इस शादी में शामिल होने के लिए दंतेवाड़ा के तोता, मैना, कबूतर, गौरैया और बतख ने कुछ इस अंदाजेबयां बोली में अपने बड़े भाई कालिया कड़कनाथ मुर्गा की शादी में आने का निमंत्रण दिया था। यह आमंत्रण कुछ इस तरह था- 'आमचो दादा चो ब्याह में जलूल जलूल इबा'।
विज्ञापन
विज्ञापन

मुर्गे के लिए एप पर भी कर सकते हैं ऑर्डर

6 of 6
kadaknath
मध्यप्रदेश में राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही हैचरीज में सालाना करीब ढ़ाई लाख कड़कनाथ मुर्गों का उत्पादन होता है। बिजनेस एवं पालन के लिए कड़कनाथ प्रजाति के मुर्गे मध्यप्रदेश के दतिया, झाबुआ, बुरहानपुर, कृषि विज्ञान केंद्र ग्वालियर, कृषि विज्ञान केंद्र खंडवा से प्राप्त किए जा सकते हैं। इनके अंडों को अठारह दिनों तक सेटर मशीन में रखा जाता है। इसके बाद तीन दिन हैचर मशीन में रखते हैं। यहां अंडों से चूजे बाहर निकल आते हैं। मुर्गे के लिए एप पर भी ऑर्डर दिया जा सकता है। यद्यपि लोगों का कहना है कि एप दमदार नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें