मध्यप्रदेश में खरगोन जिले के कलेक्टर कार्यालय में सोमवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपने साथी को पद से हटा दिए जाने के चलते मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। यहां पहुंची आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांग थी कि उनकी साथी कार्यकर्ता को बगैर किसी सूचना के गलत रूप से पद से हटाया गया है। वहीं, इसको लेकर परियोजना अधिकारी ठीक से जवाब नहीं दे पा रहे हैं और जिस दिन की यह घटना है, उस दिन पद से हटाई गई कार्यकर्ता एनआरसी केंद्र में बच्चों को भर्ती करने गई हुई थीं। इसके बावजूद गलत तरीके से पंचनामा बनाकर उन्हें हटाया गया है।
खरगोन के बड़वाह ब्लॉक की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं सोमवार दोपहर जिला कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन देने पहुंची थी। उनकी मांग थी कि यहां के पहाड़ी इलाके देवगढ़ की एक आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता अनीता वर्मा को बीते दिनों बगैर किसी नोटिस के हटा दिया गया था। जबकि वे पिछले 22 वर्षों से वहां पदस्थ थीं। यही नहीं, पंचनामे वाले दिन अनीता फील्ड में बच्चों को एनआरसी केंद्र में भर्ती करने का काम कर रही थीं। इस बीच परियोजना अधिकारी ने पंचनामा बनाकर महिला कर्मी को निलंबित कर दिया, जिसके बाद नाराज महिला कर्मियों ने मोर्चा खोल दिया है और अपने साथी कार्यकर्ता को पुनः पदस्थ करने की मांग कर रही हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना था कि उन्हें पहाड़ी इलाके में जाने के अलावा फील्ड में भी काम करना पड़ता है। ऐसे में इस घटना से उनकी भावनाएं आहत हुई हैं।
अधिकारी से पूछा तो उनके पास नहीं था कोई जवाब
वहीं, पीड़ित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अनीता वर्मा ने बताया कि उन्हें मालूम ही नहीं है कि उन्हें किस बात के लिए नोटिस दिया गया है और जिस दिन की घटना है, उस दिन वे बच्चों को एनआरसी केंद्र में भर्ती करने गई थीं, जिसकी सूचना भी उन्होंने दी थी। उनका पंचनामा भी उनके सेंटर पर नहीं बनाया गया है। जब अधिकारी से उन्होंने पूछा, तब उनके पास देने के लिए कोई जवाब नहीं था और उनका क्षेत्र पहाड़ी एरिया में है। जहां वे एक महिला होकर इतनी दूर काम करती हैं और उन्हें 22 साल हो गए नौकरी करते हुए, इसलिए वे अब भी काम करना चाहती हैं।
परियोजना अधिकारी ने बगैर किसी सूचना के हटाया
इधर, कलेक्ट्रेट पहुंची आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संघ की प्रदेश संयुक्त महामंत्री आशा अमोदे ने बताया कि हमारी एक साथी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को पद से पृथक कर दिया गया है, जिन्हें वापस पद पर लिया जाए, इसको लेकर हम कलेक्टर महोदय को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देने आए हैं, जिस दिन यह घटना हुई थी, वह कार्यकर्ता एनआरसी केंद्र पर गई हुई थी, और उन्हें बगैर किसी सूचना के हटाया गया है।
जब हमने मालूम किया तो कहा कि सुपरवाइजर ने कहा है और परियोजना अधिकारी ने घर बैठकर या कहीं और बैठकर पंचनामा बना दिया। जबकि अगर कार्यकर्ता अच्छा कार्य कर रही हैं, तो उनकी सराहना करना चाहिए था। वहीं, जिस जगह नेटवर्क नहीं रहता, वहां भी कार्यकर्ताएं काम कर रही हैं, फिर भी उन्हें परियोजना अधिकारी धमकी देते हैं, काम से निकालने की तो यह गलत है।