जिले के उत्कृष्ट स्कूल में सीड बॉल बनाते विद्यार्थी
दुनिया भर में बुधवार को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। ग्लोबल वार्मिंग जैसे खतरों से निपटने के लिए पर्यावरण की सुरक्षा के साथ ही इसके संरक्षण के लिए जमीनी स्तर पर प्रयास करना जरूरी है। मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के वन विभाग ने अनूठी पहल की है। वन अमले ने पर्यावरण संरक्षण के कार्यों से नई पीढ़ी को जोड़ने के उद्देश्य से जिले के स्कूली बच्चों को पहले तो मिट्टी और तरह-तरह के बीज उपलब्ध कराए। फिर उन्हें सीड बॉल बनाना और उसका उपयोग करना सिखाया। आने वाले वक्त में इसकी आवश्यकता पर भी बल देते हुए बच्चों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई।
खंडवा जिले में वन विभाग के डीएफओ राकेश डामोर और उनकी टीम ने पर्यावरण दिवस पर उत्कृष्ट विद्यालय में सीड बॉल कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला में उत्कृष्ट विद्यालय के तमाम छात्र-छात्राएं तो शामिल हुए ही, शिक्षक और शिक्षिकाएं भी इसमें शामिल हुए। वन विभाग ने तरह-तरह के बीज और मिट्टी इन बच्चों को उपलब्ध कराए। इसके बाद स्कूली बच्चों ने मिश्रण से कई सारे सीड बॉल तैयार किए। इन सीड बॉल को तैयार करने के बाद वन विभाग की टीम ने पर्यावरण संरक्षण का महत्व बताया। उन्हें पर्यावरण को हो रहे नुकसान से किस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा, इसे समझाया। कार्यक्रम के दौरान वन अमले ने स्कूली बच्चों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलवाई।
भविष्य में मिलेंगे अच्छे रिजल्ट
खंडवा डीएफओ राकेश डामोर ने बताया कि यह सीड बॉल पर्यावरण संरक्षण की नई परिकल्पना है। इसमे बीज और मिट्टी से बॉल तैयार करते हैं, और इसे खाली इलाकों में बरसात के दिनों में फेंक दिया जाता है। इसमें अंकुरण के साथ नये-नये पौधे सुनसान इलाके में भी तैयार हो जाते हैं, जो आने वाले दिनों में एक बड़े पेड़ बनकर हमारे पर्यावरण को हरा-भरा करते हैं। हमने बच्चों को इसको लेकर अवेयर किया है, जिससे वे अपने आसपास के एरिया में इसको ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें। इससे ज्यादा एरिया रेन कवर हो सके। यहां हमने इसको स्कूली बच्चों से जोड़कर एक अनूठा प्रयास किया है। हमें उम्मीद है कि इसके भविष्य में अच्छे रिजल्ट मिलेंगे।