अमर उजाला समाचार पत्र ने बड़ी प्रमुखता से तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में नाविकों की समस्या के समाचार प्रकाशित किया था। उसके बाद प्रशासन भी हरकत में आया एवं शुक्रवार तक सभी नाविकों के दावे आपत्ति ले लिए हैं। कलेक्टर द्वारा बनाई गई समिति सभी दावे आपत्तियों की जांच करने के बाद अधिकृत रूप से नावों के संचालन की सूची जारी करेगी।
नाविक संघ के अध्यक्ष भोलाराम केवट ने बताया कि नाविक संघ ने हजारों नाविक संघ के सदस्यों के भारी आर्थिक संकट एवं परिवार के सामने रोजी-रोटी को देखते हुए नावों का संचालन शुक्रवार को शुरू कर दिया। लेकिन नाविक संघ की ओर से ओंकारेश्वर नगर परिषद को 174 वैधानिक रूप से संचालित हो रही नौकाओं की सूची के साथ ही 95 अवैध नावों में से 32 नावों की सूची पर अपनी सहमति दी है।
प्रशासन से मांग की है कि नर्मदा नदी में 206 नौकाओं संचालित करने से पहले सभी की जांच हो सत्यापन कर विभाग सूचित प्रकाशित करें, ताकि आने वाले समय में किसी भी प्रकार की कोई घटना दुर्घटना में परेशानी न हो। नाविक संघ के पूर्व अध्यक्ष कैलाश भंवरिया ने कहा कि 95 नाविकों नगर परिषद में लाइसेंस के लिए आवेदन लगा रखे हैं, सभी लाइसेंस बना कर दें।
नगर परिषद ओंकारेश्वर के राजस्व निरीक्षक नीरज रावत ने बताया कि सभी नाविकों के दावे आपत्ति का शुक्रवार को अंतिम दिन था। जांच समिति सभी दावे आपत्तियों की जांच करेगी, जो भी नाव संचालन के लिए पत्र होगा, उसे नाव संचालन की अनुमति दी जाएगी। नाविक संघ ने अभी अपनी नाव शुरू कर दी है।