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Khandwa News: चांद दिखने के साथ ही हुआ रमजान का आगाज, इबादत का पवित्र महीना शुरू, बाजारों में रौनक बढ़ी

Wed, 18 Feb 2026 09:50 PM IST
खंडवा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा

सार

आज रमजान का चांद दिखते ही मस्जिदों से ऐलान हुआ और तरावीह की नमाज का सिलसिला शुरू हो गया। बाजारों में सहरी और इफ्तार की तैयारियों को लेकर देर रात तक रौनक बनी रही।
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रमजान का चांद दिखा, बाजारों में रौनक बढ़ी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देश के कई हिस्सों में बुधवार देर शाम रमजान का चांद नजर आ गया, जिसके बाद से ही मुस्लिम समाज में खुशी का माहौल है । समाजजनों ने बुधवार को मगरिब की नमाज के बाद चांद का इंतजार किया और जैसे ही रमजान का चांद कुछ पलों के लिए नजर आया, वैसे ही मस्जिदों से चांद नजर आने को लेकर ऐलान हो गया और चांद देखने की दुआ पढ़ी गई। 

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इसके बाद से ही मुस्लिम समाज में अगले एक माह तक चलने वाली देर रात की तराबी की विशेष 20 रकात की नमाज की भी शुरुआत हो गई। वहीं चांद के ऐलान के साथ ही अगले दिन के रोजे के लिए मुस्लिम समाज जनों ने जमकर खरीदारी की, जिसके चलते बाजारों में विशेष रौनक रही। विशेषकर दूध, खमीरी रोटी (शीरमाल), नान और सूखे मेवों की दुकानों पर देर रात तक भीड़ रही।

लगभग 13 घण्टे का रहेगा रोजा
रमजान के पूरे माह मुस्लिम समाज के लोग रोजा रखेंगे। सुबह लगभग 5:30 बजे तक सहरी का समय रहता है, जिसके बाद रोजे की शुरुआत हो जाती है। दिनभर करीब 13 घंटे तक खाने-पीने से परहेज किया जाता है। शाम लगभग 6:30 बजे मगरिब की अजान के साथ रोजा खोला जाता है, जिसे इफ्तार कहा जाता है। इस दौरान नमाज और इबादत का विशेष महत्व रहता है।
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इबादत का 70 गुना सवाब
मुस्लिम मान्यताओं के अनुसार रमजान को बेहद पाक महीना माना जाता है। इस दौरान की गई नमाज और इबादत का सवाब 70 गुना बढ़ा दिया जाता है। मान्यता है कि इस माह शैतान को कैद कर दिया जाता है, ताकि बंदे पूरी तल्लीनता से इबादत कर सकें। इफ्तार के समय फल, खजूर और ड्राई फ्रूट्स का विशेष महत्व रहता है, जिन्हें मस्जिदों में भी भेजा जाता है और रोजेदार सामूहिक रूप से रोजा खोलते हैं।
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ईद के साथ होगा समापन
पूरे एक माह तक चलने वाले रोजों और इबादत के बाद ईद-उल-फितर मनाई जाएगी। इसे अल्लाह की ओर से रोजेदारों के लिए इनाम का दिन माना जाता है। मान्यता है कि रमजान में सच्चे मन से इबादत करने वालों की दुआएं कबूल होती हैं और उन्हें विशेष रहमत मिलती है।

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