मध्यप्रदेश के खंडवा नगर में स्कूल जा रही दो मासूम छात्राओं के अपहरण का प्रयास करने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है, जिसमें यह पूरी कहानी ही फर्जी निकली है। दरअसल गुरुवार दोपहर स्कूल जा रही दो सगी बहनों ने अपने अपहरण के प्रयास की कहानी बताई थी, जिसको लेकर परिजनों के साथ ही पुलिस भी दिन भर परेशान होती रही, और इसको लेकर जब आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, और बालिकाओं से घटना को लेकर पुलिस ने जब अलग-अलग पूछताछ की, तब सात साल की छोटी बहन ने इस पूरी कहानी की हकीकत बयां कर दी।
उसने बताया कि उसकी बारह वर्षीय बड़ी बहन को स्कूल नहीं जाना था, जिसके चलते उसने यह झूठ कहा, और छोटी बहन को भी झूठ कहने के लिए उकसाया था। बता दें कि, इस मामले को पुलिस ने बड़ी ही गंभीरता से लिया था, और इसको लेकर हर एंगल से जांच की गई थी। इसके बाद हुए खुलासे से पुलिस ने राहत की सांस ली है।
रची थी कहानी
खंडवा के पदम् नगर थाना क्षेत्र में दूसरी और सातवीं में पढ़ने वाली दो सगी बहनों ने स्कूल जाते समय अपने आप का अपहरण होने का ड्रामा किया। उन्होंने बताया था कि एक बाइक पर सवार दो बदमाशों ने उन्हें रोका और धमकाया था। यही नहीं, बच्चियों ने बताया था कि उन्हें जान से मारने और बोरे में भरकर ले जाने की कोशिश की गई थी। इसके बाद उन्होंने पत्थर उठाकर बदमाशों पर फेंके थे। इस दौरान पत्थर से डरकर वे बाइक सवार मौके से भाग निकले। इधर लड़कियों की इस कहानी के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई, और इस दौरान घबराई बालिकाएं रोते हुए घर पहुंची जहां घटना की जानकारी लगते ही परिजन और पुलिस ने मामला गम्भीरता से लिया था।
बयान अलग-अलग होने से पुलिस को हुई शंका
घटना के बाद परिजन दोनों बालिकाओं को लेकर थाने पहुंचे, और शिकायत दर्ज करवाई थी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल टीम भेजकर मौके पर जांच पड़ताल शुरू की गई। खंडवा सीएसपी और पदम नगर थाने की टीम ने पूरे क्षेत्र के सारे सीसीटीवी फुटेज खंगाले, लेकिन फुटेज में ऐसा कुछ भी नहीं दिखा, जिससे घटनाक्रम होना दिख सके। जिसके बाद पुलिस ने बाल कल्याण अधिकारी और महिला पुलिस के जरिये भरोसे में लेकर लड़कियों के अलग अलग बयान लिए, और सीसीटीवी फुटेज से तुलनात्मक पूछताछ निकाली। इस दौरान दोनो ही लड़कियों के बयानों में काफी अंतर पाया गया, जिससे पुलिस को शंका हुई। इसके बाद आखिर में छोटी बहन ने माना कि बड़ी बहन ने स्कूल नहीं जाने के लिए यह पूरी कहानी गढ़ी थी। जिसका खुलासा खंडवा सीएसपी अभिनव बारंगे ने करते हुए बताया कि पुलिस ने मामले को गम्भीरता से लेते हुए जांच की थी हालांकि ऐसी कोई घटना होना सामने नहीं आया और यह अपहरण की कोशिश की कहानी केवल स्कूल न जाने के लिए बालिकाओं ने रची थी।