फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Khandwa News: मेडिकल कॉलेज का इमरजेंसी वार्ड सफाईकर्मियों के भरोसे, उनसे ही करवा रहे हैं मरहम-पट्टी

Mon, 15 Jul 2024 11:05 AM IST
खंडवा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा

सार

मध्य प्रदेश के खंडवा में करोड़ों रुपये खर्च कर मेडिकल कॉलेज का इमरजेंसी वार्ड बनाया गया है। इसके बाद भी यह अनदेखी का शिकार हो रहा है। ठेके पर लगे सफाईकर्मियों के भरोसे मरहम-पट्टी का काम छोड़ा गया है। जिम्मेदार इस पर मौन हैं। 
विज्ञापन
मरीज की मलहम पट्टी करते हुए सफाई कर्मी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मध्य प्रदेश के खंडवा नगर के नंदकुमार सिंह मेडिकल कॉलेज से शर्मनाक तस्वीर सामने आ रही है। इन दिनों कॉलेज से जुड़ा एक वीडियो वायरल हो रहा है। यहां के दो सफाईकर्मी एक गंभीर घायल मरीज का इलाज करते नजर आ रहे हैं।

विज्ञापन


आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के मकसद से सरकार ने स्थानीय जिला अस्पताल को अपग्रेड कर यहां करीब 700 करोड़ रुपये खर्च किए और नया भवन बनवाकर मेडिकल कॉलेज बनाया है। बावजूद इसके यहां अब भी इलाज के नाम पर मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। कई विभागों के उच्च प्रशिक्षित डॉक्टरों यहां हैं और इसके बावजूद अब भी यहां से मरीजों को लगातार इंदौर रेफर किया जा रहा है। इसे देख कहा जा सकता है कि बीमारी यहाँ के सिस्टम में पनप चुकी है। इसका पहले इलाज किया जाना जरूरी है।

खंडवा के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं का क्या हाल है? इस बात का अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि यहां मरीजों की मरहम पट्टी, ड्रेसिंग करने के अलावा टांके, ड्रिप और इंजेक्शन लगाने का काम यहां मौजूद ठेके पर काम करने वाले सफाईकर्मी और वार्ड बॉय कर रहे हैं। ये लोग यहां के अधिकृत कर्मचारी न होकर ठेकेदार के कर्मचारी हैं। खंडवा नगर में यहां से जुड़ा एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें सफाईकर्मी ही मरीज का इलाज करते नजर भी आ रहे हैं।
विज्ञापन


इस वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि स्ट्रेचर पर लेटे एक घायल मरीज की मरहम-पट्टी सहित उसे टांके लगाने का काम मेडिकल कालेज अस्पताल के सफाईकर्मी कर रहे हैं। मरीज गंभीर रूप से घायल दिख रहा है और चोट उसके मुंह पर, आंख के ठीक पास में नजर आ रही है। ऐसे में जरा-सी लापरवाही से मरीज की आंख को भी नुकसान हो सकता था। वहीं मिली जानकारी के अनुसार पूरा मामला शुक्रवार शाम का है। जब मेडिकल कॉलेज अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मौजूद सफाईकर्मी ही मरीज की ड्रेसिंग कर रहे थे। हालांकि, यह पूरा मामला सामने आने के बाद इतनी बड़ी लापरवाही को लेकर जब मेडिकल अस्पताल के जिम्मेदारों से इस मामले में जानकारी लेना चाह ही गई तो कोई भी जिम्मेदार इस पर जवाब देने को तैयार नहीं है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें