महत्वाकांक्षी भारतमाला परियोजना के तहत विकसित किया जा रहा एनएच-753 एल का बोरगांव से शाहपुर खंड क्षेत्र के आर्थिक और परिवहन परिदृश्य को नई दिशा देने जा रहा है। आधुनिक चार-लेन राजमार्ग गलियारे के रूप में विकसित हो रही यह परियोजना मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच संपर्क को मजबूत करने के साथ-साथ कृषि, व्यापार और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को भी गति प्रदान करेगी। विशेष रूप से बुरहानपुर के केला उत्पादकों को इस मार्ग से बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है, क्योंकि वे अपनी उपज को तेजी से देश और विश्व बाजार तक पहुंचा सकेंगे।
रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है बोरगांव-शाहपुर खंड
एनएच-753 एल का बोरगांव से शाहपुर तक का खंड रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह महाराष्ट्र के बोरगांव बुजुर्ग से मुक्तईनगर तक फैले एक बड़े सड़क गलियारे का हिस्सा है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा विकसित किए जा रहे इस कॉरिडोर से मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच अंतर-राज्यीय संपर्क को नया स्वरूप मिलने की उम्मीद है। इससे न केवल परिवहन व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
944 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा 47 किलोमीटर लंबा गलियारा
करीब 944 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से विकसित किया जा रहा यह सड़क गलियारा लगभग 47 किलोमीटर लंबा है। परियोजना का लगभग 85 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। पूरी तरह तैयार होने के बाद यह मार्ग इंदौर और छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) के बीच तेज, सुरक्षित और अधिक कुशल वैकल्पिक संपर्क मार्ग के रूप में उभरेगा। साथ ही यह क्षेत्रीय लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करते हुए अंतर-राज्यीय परिवहन की प्रमुख धुरी बनेगा।
खेत से बाजार तक संपर्क होगा और मजबूत
यह परियोजना केले, कपास, सोयाबीन और गेहूं जैसी फसलों के लिए प्रसिद्ध कृषि क्षेत्रों से होकर गुजरती है। बेहतर सड़क संपर्क का सीधा लाभ किसानों और ट्रांसपोर्टरों को मिलेगा। कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में कम समय लगेगा और परिवहन लागत में भी कमी आएगी।
स्थानीय संपर्क को ध्यान में रखकर तैयार की गई संरचनाएं
इस गलियारे में 1 रेलवे ओवरब्रिज, 7 बड़े पुल, 20 छोटे पुल, 98 पुलिया, 3 हल्के वाहनों के लिए अंडरपास, 5 छोटे वाहनों के लिए अंडरपास और 6 वाहनों के लिए अंडरपास शामिल हैं। इन संरचनाओं को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि स्थानीय संपर्क प्रभावित न हो और गांवों, खेतों तथा आसपास के क्षेत्रों के बीच आवागमन सुचारू एवं निर्बाध बना रहे।
परियोजना एक नजर में
परियोजना: एनएच-753 एल बोरगांव-शाहपुर खंड
परियोजना लागत: 944 करोड़ रुपये
कुल लंबाई: लगभग 47 किलोमीटर
जुड़ने वाले प्रमुख राज्य: मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र
प्रमुख संपर्क मार्ग: इंदौर–खंडवा–बुरहानपुर–जलगांव–छत्रपति संभाजीनगर
प्रमुख अवसंरचना: 1 रेलवे ओवरब्रिज, 7 बड़े पुल, 20 छोटे पुल, 98 पुलिया और 14 अंडरपास
बाईपास: शहरी क्षेत्रों में भीड़ कम करने के लिए लगभग 26 किलोमीटर लंबा बाईपास
सर्विस रोड: सुरक्षित स्थानीय आवागमन के लिए 19 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड
विशेषता: तेज और सुरक्षित यातायात को ध्यान में रखकर तैयार किया गया डिजाइन
तेजी से चल रहा है निर्माण कार्य
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के प्रोजेक्ट मैनेजर आशुतोष सोनी ने बताया कि खंडवा से आगे बोरगांव-शाहपुर तक 47 किलोमीटर लंबे हिस्से का लगभग 85 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। वहीं संपूर्ण 204 किलोमीटर सड़क परियोजना का निर्माण कार्य भी तेज गति से जारी है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण पूरा होने के बाद इसे जल्द ही यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।
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कुल 204 किलोमीटर लंबी है इंदौर-खंडवा-इच्छापुर सड़क परियोजना
उल्लेखनीय है कि इंदौर-खंडवा-इच्छापुर सड़क मार्ग की कुल लंबाई 204 किलोमीटर है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस परियोजना के लिए 8,600 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।
उत्तर और दक्षिण भारत के बीच सफर होगा आसान
सड़क परियोजना के पूर्ण होने के बाद उत्तर भारत से दक्षिण भारत की ओर जाने वाले वाहनों को बड़ी सुविधा मिलेगी। इससे यात्रा का समय कम होगा, ईंधन की बचत होगी और माल परिवहन अधिक तेज एवं सुरक्षित हो सकेगा। भारतमाला परियोजना के तहत विकसित हो रहा यह आधुनिक राजमार्ग आने वाले समय में क्षेत्र के आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण आधार बनने जा रहा है।