मध्यप्रदेश में एक बार फिर कटनी हवाला कांड को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। इसकी वजह पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की एक्स में हुई पोस्ट है, जिसमें उन्होंने कटनी शहर को हवाला और ऑनलाइन सट्टा का बड़ा केंद्र बताया है और इसका जिम्मेदार बीजेपी की डबल इंजन की सरकार को बताया है।
कटनी जिले का वो हवाला कांड जिसने पूरे प्रदेश की राजनीति में हलचल मचाकर रख दिया था। अब उसका प्रकरण जबलपुर की ईडी स्पेशल कोर्ट में चलेगा। दरअसल, साल 2016-17 में समाने आया पांच हजार करोड़ का हवाला कांड जिसकी शुरुआत गरीब वर्ग से आने वाले रजनीश तिवारी से हुई थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि उसके नाम से कोई फर्म चलाकर करोड़ों की लेन-देने कर रहा है, उसका नोटिस इनकम टैक्स से उसे सौंपा है। मामले की जब जांच हुई तो हवाला के कई पन्ने खुलने लगे, जो बढ़ते-बढ़ते पांच हजार करोड़ के करीब पहुंच गया था। तत्कालीन एसपी गौरव तिवारी ने कई FIR दर्ज किए और आठ लोगों का प्रकरण बनाकर न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया था।
करीब सात साल चले हवाला मामले के अभियोजन अधिकारी रजनीश कुमार सोनी ने बताया कि हवाला मामले में विवेचक साक्षी शेष थे। तभी इस प्रकरण को दिल्ली प्रवर्तन निदेशालय के द्वारा जिला न्यायालय के समक्ष पत्र लिखकर PMLA स्पेशल कोर्ट में चलाने की बात रखी थी। चूंकि मामला मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा था और इसके दो केस पहले से जबलपुर के ईडी स्पेशल कोर्ट में चल रहे थे तो जिला न्यायालय के सेशन जज माननीय जितेंद्र कुमार शर्मा ने तीन दिसंबर को केस ट्रांसफर करते हुए PMLA कोर्ट में ट्रांसफर किया है। वहीं, इस केस को PMLA कोर्ट में ट्रांसफर करने बाद समाजसेवी बिंदेश्वरी पटेल ने कहा कि हवाला कांड का केस अब राष्ट्रीय स्तर की एजेंसी ED के पास पहुंचा तो हम सभी लोग जो उस वक्त आंदोलन में शामिल थे, उनके अंदर एक बार फिर आस जागी है कि स्पेशल कोर्ट PMLA में जल्द दूध का दूध और पानी का पानी होगा।
हवाला कांड के प्रकरण में अचानक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की एंट्री हो गई और उन्होंने अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल में पोस्ट में कटनी शहर को हवाला और ऑनलाइन सट्टा का बड़ा केंद्र बताया है और इसका जिम्मेदार बीजेपी की डबल इंजन की सरकार को बताया है। ED ईमानदारी से जांच कर ले तो कई राजनैतिक रहस्य खुल जाएंगे। दिग्गी राजा के इस पोस्ट के बाद से राजनैतिक गलियारों में हलचल होने लगी कि क्या सच में हवाला कांड में कुछ सफेद पोश नेताओं का हाथ रहा। यदि पर्दे के पीछे वही है तो क्या उन पर भी कार्रवाई होगी।