म.प्र. कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ (फाइल फोटो)
उज्जैन के पूर्व सांसद, 30 साल पुराने कांग्रेस प्रेमचंद गुड्डू ने शुक्रवार को भाजपा का दामन थामा तो शनिवार को कांग्रेस ने नहले पर दहला दे दिया। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साले संजय सिंह को तोड़कर लाई और कांग्रेस में शामिल करा दिया। संजय सिंह अभिनेता रहे हैं। अभी तक कांग्रेस पार्टी व्यापमं घोटाले में संजय सिंह के भी शामिल होने का विरोध कर रही थी और अब उन्हें ही कांग्रेसी बना दिया है। सूत्र बताते हैं कि संजय सिंह को कांग्रेस बालाघाट से अपना उम्मीदवार बना सकती है।
संजय सिंह को कांग्रेस में शामिल कराने पर म.प्र. कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ ने सधी हुई प्रतिक्रिया दी है। कमलनाथ ने कहा कि उनके (शिवराज सिंह) तो रिश्तेदार हमारे साथ आए हैं। आप सोच सकते हैं कि उनपर क्या गुजर रही है। कमलनाथ का यह बयान गुड्डू के भाजपा में जाने पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
कांग्रेस में शामिल होने के दौरान संजय सिंह ने म.प्र. में शिवराज सिंह की नहीं बल्कि कमलनाथ सिंह की सरकार बनने का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि म.प्र. में भाजपा भाई-भतीजावाद फैला रही है। वहां नेताओं के भाई-भतीजे को ही टिकट दिया जा रहा है। ऐसे में वहां उनका दम घुट रहा था। संजय ने कहा कि म.प्र. में अब राज नहीं नाथ की जरूरत है।
टिकट नहीं मिला तो कांग्रेसी
संजय सिंह भाजपा से टिकट चाह रहे थे। भाजपा के सूत्र बताते हैं कि साधना सिंह के भाई संजय सिंह को टिकट मिलने का कोई आश्वासन नहीं मिल पाया, लिहाजा वह कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। साधना सिंह म.प्र. के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की पत्नी हैं। संजय सिंह के बारे में कहा जाता है कि उनके म.प्र. में तमाम ट्रक चलते हैं और पैसे वाले हैं।