मध्यप्रदेश में सियासी संकट गहराता ही जा रहा है। सोमवार को कैबिनेट बैठक के बाद सीएम कमलनाथ ने सभी 20 मंत्रियों से इस्तीफे ले लिए। वह नई कैबिनेट का गठन करेंगे। उन्होंने रात 10.30 बजे बैठक बुलाई थी जिसके बाद ये बड़ा फैसला लिया गया। ऐसी भी चर्चा है कि भाजपा के कुछ विधायकों को कांग्रेस के खेमे में शामिल किया जा सकता है। इसीलिए मंत्रियों के इस्तीफे लिए गए हैं।
मध्यप्रदेश को स्थिर सरकार की जरूरत : पायलट
राजस्थान के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने इस राजनीतिक संकट के जल्द समाप्त होने की उम्मीद जताई है। पायलट ने ट्वीट किया, मुझे उम्मीद है कि मध्यप्रदेश में चल रहा संकट जल्द समाप्त होगा और नेता अपने मतभेद निपटा लेंगे। चुनावी वादों को पूरा करने के लिए राज्य को एक स्थिर सरकार की जरूरत है।
सोनिया गांधी के आवास पर पहुंचे राहुल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास 10 जनपथ पर पहुंच चुके हैं। कांग्रेस कल शाम को विधायक दल की बैठक करेगी। वहीं, कांग्रेस के उमंग सिंघर ने कहा कि वहां मौजूद सभी 20 मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है। मुख्यमंत्री अब राज्य कैबिनेट का पुनर्गठन कर सकते हैं। सभी साथ हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया भी कांग्रेस के साथ हैं। अगर मंत्रिमंडल बनना है को सरकार सुरक्षित है।
पूरे पांच साल चलेगी सरकार : पीसी शर्मा
कांग्रेस के पीसी शर्मा ने कहा, बैठक में मौजूद सभी मंत्रियों ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को इस्तीफा दे दिया है। हमने उनसे राज्य कैबिनेट को दोबारा गठित करने का और भाजपा द्वारा बनाई गई परिस्थितियों से निपटने का अनुरोध किया है... सरकार बची हुई है, पूरे पांच साल चलेगी।
सरकार अस्थिर करने वाली ताकतों को सफल नहीं होने दूंगा : कमलनाथ
इस सियासी उठापठक के बीच मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बयान जारी किया। उन्होंने कहा, प्रदेश की जनता का विश्वास और उनका प्रेम मेरे लिए सबसे बड़ी शक्ति है। मध्य प्रदेश की जनता के द्वारा बनाई गई सरकार को किसी भी कीमत पर अस्थिर करने वाले तत्वों को सफल नहीं होने दूंगा।
कमलनाथ ने कहा कि सौदेबाजी की राजनीति मध्यप्रदेश के हितों के साथ कुठाराघात है। उन्होंने कहा कि 15 साल में भाजपा के राज में हर क्षेत्र में माफिया समानांतर सरकार बन गया था। प्रदेश की जनता त्रस्त थी और उसने माफिया रूप से छुटकारा पाने के लिए कांग्रेस को सत्ता सौंपी। मैंने जनता की अपेक्षा पर माफिया के खिलाफ अभियान चलाया। माफिया के सहयोग से भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस की सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रही है।
भाजपा विधायक दल की बैठक मंगलवार को
भोपाल में भाजपा विधायक दल की बैठक मंगलवार शाम 7 बजे अरेरा कॉलोनी में भाजपा कार्यालय में होगी। मध्य प्रदेश भाजपा के सभी विधायकों के अलावा सभी भाजपा सांसदों केंद्रीय मंत्रियों को भी भोपाल बुलाया गया है।
भाजपा आलाकमान ने केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोद, प्रहलाद पटेल,फग्गन सिंह कुलस्ते, भाजपा उपाध्यक्ष प्रभात झा सहित सभी मध्यप्रदेश के भाजपा सांसद को भी भोपाल पहुंचने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा शिवराज सिंह चौहान, नरेन्द्र सिह तोमर,नरोत्तम मिश्रा, कैलाश विजयवर्गीय, प्रभारी महासचिव विनय सहस्त्रबुद्धे सहित अनेक नेताओं को भोपाल पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।
अगर सिंधिया नहीं माने तो व्हिप जारी कर सकती है कांग्रेस
मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार पर उठे संकट के बीच भोपाल में मुख्यमंत्री आवास में बैठक हुई। इस बैठक में इस बात पर सहमति बनती दिखी है कि अगर ज्योतिरादित्य सिंधिया नहीं मानते हैं तो कांग्रेस व्हिप जारी कर सकती है।
व्हिप के जरिए पार्टी विशेष सत्र बुलाकर सिंधिया समर्थक विधायकों को अयोग्य घोषित किया जा सकता है। अगर ऐसा होता है कि कांग्रेस को 105 विधायकों के साथ बहुमत साबित करना पड़ेगा।
भोपाल से दिल्ली तक सियासी हलचल
सियासी संकट को लेकर आज भोपाल से लेकर दिल्ली तक हलचल मची रही। दोनों दलों के तमाम बड़े नेता सक्रिय हुए और सियासी हलचल चरम पर पहुंच गया। भोपाल में दिग्विजय सिंह से मुलाकात के बाद सीएम कमलनाथ ने कैबिनेट बैठक बुलाई।
उधर, दिल्ली में भी बैठकों का दौर तेज रहा। शिवराज सिंह चौहान, अमित शाह और नरेंद्र सिंह तोमर ने अहम बैठक की। वहीं, नाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने 10 जनपथ पहुंचे। सिंधिया मंगलवार सुबह ग्वालियर जाएंगे। मंगलवार को उनके पिता स्वर्गीय माधवराव सिंधिया की 75वीं जयंती है। ग्वालियर से वह भोपाल जा सकते हैं।
कमलनाथ से मिलने पहुंचे दिग्विजय
इससे पहले सीएम कमलनाथ से मिलने दिग्विजय सिंह उनके आवास पहुंचे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सिंधिया को मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया जा सकता है। इसके अलावा उन्हें राज्यसभा भी भेजा जा सकता है। कमलनाथ को विरोध को हाईकमान ने दरकिनार कर दिया है। पूरे मामले में दस जनपथ में अपना दखल बढ़ा दिया है।
भाजपा विधायक दल की बैठक मंगलवार को
सियासी हलचल के बीच मंगलवार को भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। इसमें शिवराज सिंह चौहान को ही नेता चुने जाने की संभावना है। प्रदेश के प्रभारी महासचिव विनय सहस्त्रबुद्धे भी कल सुबह भोपाल जाएंगे। शिवराज सिंह चौहान और नरोत्तम मिश्रा एक साथ नरेन्द्र सिंह तोमर से मिलकर निकले।
वहीं, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मंगलवार को भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाई है। मध्यप्रदेश में भावी मुख्यमंत्री के नाम पर कल शाम को मुहर लग सकती है। केंद्रीय चुनाव समिति और संसदीय बोर्ड की बैठक साथ साथ हो सकती हैं।
दिल्ली में ज्योतिरादित्य सिंधिया
सियासी हलचल के बीच सिंधिया अपने दिल्ली स्थित आवास पहुंचे। बताया जा रहा है कि उन्हें मनाने की कवायद जोरों पर है।
कांग्रेस विधायक पहुंचे बंगलूरू
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस के कुछ और मंत्री व विधायक बंगलूरू पहुंच गए हैं। ये सभी सिंधिया समर्थक बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि यहां पहले से ही कई कांग्रेस विधायक मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि इन विधायकों के फोन भी स्विच ऑफ आ रहे हैं। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी तेज है कि भारतीय जनता पार्टी ने ज्योतिरादित्य को राज्यसभा के रास्ते संसद भेजने तथा केंद्रीय कैबिनेट में महत्वपूर्ण स्थान देने का प्रस्ताव रखा है।
ये विधायक बंगलूरू पहुंचे
- राजवर्धन सिंह
- प्रद्युम्न सिंह तोमर
- बंकिम सिलावट
- गिरिराज
- सुश्री रक्षा
- जसवंत जाटव
- सुरेश धाकड़
- जजपाल सिंह
- बृजेंद्र यादव
- पुरषोत्तम पाराशर
राज्यसभा के लिए अभीतक नामांकन दाखिल नहीं हुआ
वहीं, सियासी उठापटक के बीच मध्यप्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटों के लिए अभी तक कोई नामांकन पत्र दाखिल नहीं हुआ है। राज्यसभा की तीन सीटों के द्विवार्षिक निर्वाचन के लिए 6 मार्च 2020 को अधिसूचना जारी की गई थी और नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तारीख 13 मार्च 2020 है। दिग्विजय सिंह, प्रभात झा और सत्यनारायण जटिया का कार्यकाल 9 अप्रैल 2020 को समाप्त हो रहा है।
सीएम बोले, भाजपा से अब रहा नहीं जा रहा
सीएम कमलनाथ ने कहा- भाजपा से अब रहा नहीं जा रहा है। 15 साल में उनके द्वारा किया गया भ्रष्टाचार अब सामने आ रहा है। इसलिए वे परेशान हो रहे हैं।
मैं गृह मंत्री बनना चाहता हूं: शेरा
मीडिया से बातचीत करते हुए शेरा ने कहा कि मैं गृह मंत्री बनना चाहता हूं। वर्तमान गृह मंत्री बाला बच्चन में क्षमताओं की कमी है। उनसे काम नहीं संभल पा रहा है। मेरी इच्छा है कि पुलिस को लोगों के अनुकूल बनाया जाए। लोग पुलिस से नहीं डरे बल्कि उनकी दोस्त बने। हालांकि मेरी मंत्री पद को लेकर कमलनाथ से बात नहीं हुई है।
सोनिया से मिले कमलनाथ, बोले- सभी मुद्दों पर चर्चा हुई
मध्यप्रदेश के हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और राज्यसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में कमलनाथ ने सोनिया गांधी से मुलाकात की। मुलाकात के बाद कमलनाथ ने कहा कि सभी मुद्दों पर चर्चा हुई जिसमें वर्तमान राजनीतिक परिस्थिति भी शामिल है। मैं उनके सुझावों का पालन करुंगा। सूत्रों का कहना है कि करीब 20 मिनट तक चली इस मुलाकात में राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के संदर्भ में मुख्य रूप से चर्चा हुई।
भाजपा में होने वाली है टूट-फूट
इससे पहले निर्दलीय विधायक शेरा ने कहा था कि भाजपा में टूट-फूट होने वाली है। भाजपा के कई नेता उनके संपर्क में हैं। जिसके बारे में वह जल्द ही मुख्यमंत्री कमलनाथ से चर्चा करेंगे। वहीं मुरैना से विधायक रघुराज सिंह कंषाना के परिजन उनके लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराने वाले हैं।
मुझे किसी ने नहीं बनाया बंधक
विधायक शेरा का कहना है कि उन्हें न तो कोई लेकर गया और न ही किसी ने बंधक बनाया था। वह इस बारे में मुख्यमंत्री से बात कर चुके हैं। वह मुख्यमंत्री के साथ हैं और रहेंगें। कांग्रेस के दो विधायकों के अभी भी लापता होने के सवाल पर वित्त मंत्री तरुण भनोट ने कहा कि हम उनका इंतजार कर सकते हैं। वह कभी भी आ सकते हैं।