मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और उनसे कहा है कि वह राज्य में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध की रोकथाम के लिए केंद्रीय अनुदान के रूप में 800 करोड़ रुपये से अधिक जारी करें।
अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि रविवार की बैठक के दौरान राज्य से संबंधित कुछ अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई। दिसंबर में बतौर मुख्यमंत्री पदभार संभालने वाले नाथ ने इस संबंध में गृह मंत्री को एक पत्र भी लिखा है।
पत्र में उन्होंने महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध के संवेदनशील मुद्दों में से एक पर गृह मंत्री का ध्यान आकर्षित किया।
नाथ ने कहा, "इस मुद्दे की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए, राज्य सरकार महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध से निपटने के लिए विशेष रूप से डीएनए प्रयोगशालाओं और मोबाइल फॉरेंसिक टीमों के अलावा जांच अधिकारियों/कानूनी सलाहकारों/अभियोजकों और परामर्शदाताओं के व्यापक सेट के लिए एक परियोजना का प्रस्ताव दे रही है। इसके लिए आवश्यक बजट 880 करोड़ रुपये की जरूरत हैं।”
उन्होंने गृह मंत्री से इस पहल का समर्थन करने का अनुरोध किया क्योंकि "यह राज्य में सबसे संवेदनशील मुद्दों में से एक से निपटने में मदद करेगा"।
इस महीने की शुरुआत में एक भयानक घटना घटी जिसमें मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आठ वर्षीय एक लड़की के साथ बलात्कार किया गया और उसकी हत्या कर दी गई।
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 2015 में बलात्कार के 34,651 मामले दर्ज किए गए थे। 2016 में यह संख्या बढ़कर 38,947 हो गई।
एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, महिलाओं के खिलाफ 2015 में हुए कुल अपराध 3,29,243 से बढ़कर 2016 में 3,38,954 हो गए।
साल 2016 में बलात्कारों की सबसे अधिक वारदातें मध्य प्रदेश (4,882) में दर्ज की गई हैं, इसके बाद उत्तर प्रदेश (4,816) और महाराष्ट्र (4,189) में दर्ज हुईं।
आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश में साल 2016 में बच्चों के अपहरण के 6,016 मामले दर्ज हुए। वहीं साल 2016 में राज्य में बच्चों से बलात्कार के 2,467 मामले सामने आए।