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बड़ी राहत: मध्यप्रदेश में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल खत्म, सरकार और एसोसिएशन के बीच इन मांगों पर बनी सहमति

Mon, 07 Jun 2021 01:58 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

अपनी मांगों को लेकर सूबे में हड़ताल कर रहे जूनियर डॉक्टर्स स्वास्थ्य मंत्री से मिलने के बाद काम पर लौट  गए हैं। डॉक्टरों के लौटने से इलाजरत मरीजों को बड़ी राहत मिली है। 
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मध्यप्रदेश में जूडा की हड़ताल खत्म - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मध्यप्रदेश में पिछले 6 दिनों से चल रही जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल आज खत्म हो गई। स्वास्थ्य मंत्री विश्वास सारंग से मुलाकात के बाद जूडा एसोसिएशन ने हड़ताल खत्म करने का एलान किया।  हड़ताल के खत्म होने के साथ ही अस्पतालों में इलाज करा रहे मरीजों को बड़ी राहत मिली है।

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जूनियर डॉक्टर्स अस्पतालों में काम पर लौट गए हैं। जूडा एसोसिएशन अध्यक्ष हरीश पाठक ने मीडिया से बताया कि सभी मांगों को लेकर सरकार और एसोसिएशन के बीच सहमति बनी। सरकार ने 17 फीसदी मानदेय बढ़ाने की मांग मान ली है, जबकि जूडा ने 24 फीसदी स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग की थी। सरकार ने इसके लिए कमेटी बनाने का निर्देश दिया है। जल्द से जल्द इस पर निर्णय ले लिया जाएगा। उसके बाद सभी डॉक्टर अस्पताल में काम शुरू कर दिए हैं। 

एमपी: जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल खत्म
मध्यप्रदेश में करीब 3000 जूनियर डॉक्टरों ने हफ्ते भर से जारी अपनी हड़ताल सोमवार को खत्म कर दी। राज्य के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग के साथ बैठक के बाद डॉक्टरों ने यह निर्णय लिया।
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मंत्री सारंग ने कहा कि सरकार ने वेतन में 17 फीसदी वृद्धि की मांग को स्वीकार कर लिया है। बता दें, राज्य के छह मेडिकल कॉलेजों के जूनियर डॉक्टर बीते सोमवार से वेतन वृद्धि और अपने और परिवारों लिए मुफ्त कोरोना इलाज की मांग पर हड़ताल पर थे। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जेयूडीए) के अध्यक्ष अरविंद मीणा ने कहा कि बैठक के बाद हमने हड़ताल वापस ले ली।

31 मई से हड़ताल पर थे डॉक्टर
बता दें कि छह मांगों को लेकर जूडा का 31 मई से आंदोलन चल रहा था। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपपुर , रीवा और सागर में जूनियर डॉक्टरों ने काम बंद कर हड़ताल शुरू की थी। पिछले सप्ताह एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट जबलपुर ने जूडा को 24 घंटे के भीतर हड़ताल खत्म कर काम पर लौटने का आदेश जारी किया था, लेकिन जूडा ने सामूहिक इस्तीफा देकर हड़ताल जारी रखी थी।

डॉक्टरों को हॉस्टल खाली करने का निर्देश
हरीश पाठक ने कहा 6 फीसदी वेतन वृद्धि को लेकर सीपीआई इंडेक्स की तर्ज पर हर साल बढ़ोतरी होगी। साथ ही ग्रामीण इलाकों में काम करने के लिए कमेटी तैयार की जाएगी। वहीं फाइनल ईयर स्टूडेंट का ग्रामीण इलाकों में काम करने वाले बॉन्ड को कोविड बॉन्ड में बदला जाएगा। एसोसिएशन अध्यक्ष ने बताया कि जूनियर डॉक्टर कभी भी मरीजों का अहित नहीं चाहते हैं। मरीजों का बेहतर से बेहतर इलाज के लिए हमेशा लगे रहते हैं। गौरतलब है कि प्रदेश में कोरोना वायरस और ब्लैक फंगस के बीच जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से सरकार नाराज थी। सरकार की ओर से रविवार को डॉक्टरों को हॉस्टल खाली करने का निर्देश जारी किया था। 

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