पेटलावद में शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन की किसान महासभा होगी, जिसमें किसान नेता राकेश टिकैत शामिल होंगे। महासभा में एमएसपी की कानूनी गारंटी, फसल के उचित दाम, बिजली, सिंचाई, खाद-बीज, कृषि लागत, कर्ज और फोरलेन मुआवजा जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। किसानों से बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की गई है।
किसान नेता राकेश टिकैत के प्रस्तावित पेटलावद दौरे को लेकर क्षेत्र में किसानों के बीच उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। इसी क्रम में भारतीय किसान यूनियन (BKU) ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर आगामी कार्यक्रम की रूपरेखा साझा की। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को पेटलावद में एक किसान महासभा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें क्षेत्रभर के किसान बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
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प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जिलाध्यक्ष महेंद्र हामड, जिला महामंत्री जितेंद्र पाटीदार, जिला सचिव बलराम पाटीदार, तहसील अध्यक्ष ईश्वरलाल पाटीदार, तहसील उपाध्यक्ष हरिराम सेप्टा, ग्रामीण विस्तार समिति अध्यक्ष प्रेम भूरिया तथा मीडिया प्रभारी राधाकृष्ण पाटीदार सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यह महासभा किसानों की आवाज को मजबूती देने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगी। संगठन के पदाधिकारियों ने क्षेत्र के किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में पहुंचें और अपनी समस्याओं को खुलकर सामने रखें। उनका मानना है कि किसानों की एकजुटता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है, और इसी के माध्यम से उनकी मांगों को सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।
महासभा में किसानों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इनमें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी, फसलों के उचित दाम, बिजली आपूर्ति की समस्याएं, सिंचाई व्यवस्था में सुधार, खाद-बीज की समय पर उपलब्धता, बढ़ती कृषि लागत और किसानों पर बढ़ते कर्ज का बोझ और फोरलेन सड़क मुआवजा प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अलावा किसान आंदोलन की आगामी रणनीति और संगठनात्मक मजबूती को लेकर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
भारतीय किसान यूनियन के अनुसार, किसान नेता राकेश टिकैत महासभा को संबोधित करेंगे और किसानों के हितों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से अपनी बात रखेंगे। उनके संबोधन को लेकर किसानों में खासा उत्साह है और बड़ी संख्या में किसानों के कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। कुल मिलाकर, यह महासभा क्षेत्र के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है, जहां वे अपनी समस्याओं को साझा करने के साथ-साथ उनके समाधान की दिशा में ठोस पहल की उम्मीद कर रहे हैं।