पैदल मार्च पर निकले बच्चे और समझाइश के लिए मौजूद अधिकारी
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शनिवार को पेटलावद एकलव्य स्कूल के विधार्थी झाबुआ स्थित कलेक्टर कार्यालय जाने के लिए नारेबाजी करते हुए पैदल निकल गए थे। मामले की जानकारी मिलते ही एसडीएम रितिका पाटीदार, एसडीओपी पेटलावद अनुरक्ति साबनानी, थाना प्रभारी पेटलावद निरीक्षक निर्भयसिंह भूरिया एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम तत्काल मौके पर पहुंची। टीम द्वारा विद्यार्थियों से उनकी समस्याओं एवं मांगों के संबंध में जानकारी प्राप्त कर उन्हें समझाइश देने का हरसंभव प्रयास किया गया।
इस दौरान रैली में विद्यार्थियों का नेतृत्व कर रहे तीन व्यक्ति विद्यार्थियों को गुमराह एवं उत्तेजित कर प्रशासनिक अधिकारियों की बात नहीं मानने तथा पैदल झाबुआ की ओर आगे बढ़ने के लिए उकसा रहे थे। आरोपियों द्वारा विद्यार्थियों से कहा जा रहा था कि वे प्रशासन के किसी भी अधिकारी की बात न मानें तथा उनके कहे अनुसार ही कार्य करें। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रेमसिंह पिता मेहजी भूरिया, नरवेसिंह पिता बाबूसिंह सोलंकी और गोविन्द पिता राणजी अमलियार मामले में गिरफ्तार किया गया है।
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ग्राम बैड़दा में स्कूल की पुलिया के आगे एडीएम झाबुआ एवं एसडीएम पेटलावद द्वारा विद्यार्थियों को पुनः समझाइश दी गई। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं एवं मांगों को गंभीरता से सुना जाएगा तथा उनके निराकरण के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। साथ ही मार्ग सिंगल पट्टी का होने एवं सड़क पर किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए विद्यार्थियों को पैदल झाबुआ जाने के बजाय बस से जाने की समझाइश दी गई। इस दौरान तीनों आरोपियों द्वारा विद्यार्थियों को पुनः उकसाकर झाबुआ जाने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रशासन एवं पुलिस की समझाइश के बावजूद उनके द्वारा विद्यार्थियों को झाबुआ ले जाने की बात कही जाती रही। विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए किसी अप्रिय घटना तथा शांति भंग होने की आशंका के मद्देनजर पुलिस द्वारा तीनों व्यक्तियों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए धारा 170 बीएनएसएस के तहत गिरफ्तार किया गया। तीनों आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।