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सीधी बस हादसा : सुनहरे सपनों का भविष्य बनाने निकले थे, अब कभी नहीं लौटेंगे...

Tue, 16 Feb 2021 04:27 PM IST
दीप्ति मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीधी
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सीधी बस हादसा - फोटो : ANI
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आज सुबह जिस वक्त लोग नींद से जागे भी नहीं थे, उस वक्त करीब 55 लोग एक बस में सवार होकर मध्यप्रदेश के सीधी जिले से सतना शहर के लिए निकले थे। सभी के कुछ सपने थे, जो इस सफर के जरिये पूरे होने थे।

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किसी को नौकरी की तलाश थी, तो किसी को अपने परिजनों से मिलना था। लेकिन लगभग 40 लोगों का सपना अब कभी पूरा नहीं होगा। ये 40 यात्री काल के गाल में समा गए हैं। इनमें 12 ऐसे युवा भी थे जो रेलवे में नौकरी के लिए परीक्षा देने जा रहे थे। उनके मन में मुट्ठी भर ख्वाब थे, दिल में उम्मीद और आंखों में चमक थी। लेकिन उस एक पल में सब ओझल हो गया, जब बस रामपुर नैकिन के पास सोन नदी के लिए बनी बाणसागर नहर में जा गिरी। आपस में कुशलक्षेम पूछने वाली आवाजें अचानक बचाओ-बचाओ के चीत्कार में बदल गईं। कुछ आवाजें हमेशा के लिए खामोश हो गईं, तो कुछ ने जिंदगी का किनारा कर पकड़े रखा।

आखिरी मुलाकात
जब से होश संभाला, तब से सुनहरे भविष्य के सपने देखने शुरू कर दिए। सपनों को पूरा करने के लिए दिन-रात एक कर दिया, परीक्षा पास करने के लिए जमकर मेहनत की। परीक्षा का दिन आया, तो सुबह-सुबह घर से कोई दही-शक्कर, तो मीठा खाकर और अपने बड़े-बुजुर्गों से सफल होने का आशीर्वाद लेकर निकल पड़े। तब न उन छात्रों ने सोचा था और ना ही उनके सिर पर हाथ रखने वाले अपनों ने कि अब जिस सफर पर वो जा रहे हैं, उससे कभी वापस नहीं लौटेंगे। बस यहीं तक का था साथ और यही हो जाएगी आखिरी मुलाकात।
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मध्यप्रदेश के सीधी जिले में 54 यात्रियों को लेकर एक बस सतना जा रही थी। सीधी मार्ग पर छुहिया घाटी से होकर बस को सतना जाना था, लेकिन यहां जाम ज्यादा था, जिसके चलते चालक ने रूट बदल लिया। वह नहर के किनारे से बस ले जा रहा था। यह रास्ता काफी संकरा था और इसी दौरान ड्राइवर ने संतुलन खो दिया, जिसके चलते बस खाई में गिर गई। बता दें कि झांसी से रांची के जाने वाला हाईवे सतना, रीवा, सीधी और सिंगरौली होते हुए जाता है। यहां जगह-जगह सड़क खराब और अधूरी है। इस वजह से यहां आए दिन जाम की स्थिति रहती है।

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पलक झपकते ही सब खत्म हो गया...

हादसे के चार घंटे बाद 11.45 बजे क्रेन की मदद से बस को बाहर निकाला गया। नहर की गहराई 20 से 22 फीट बताई जा रही है। जिस वक्त हादसा हुआ, तब बहाव तेज था, लिहाजा यात्रियों को संभलने का मौका नहीं मिला। अब तक 39 शव निकाले जा चुके हैं। इस दर्दनाक हादसे के बाद सात लोगों को बचाया गया। जबकि ड्राइवर तैरकर बच निकला। उसे हिरासत में लिया है। 
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