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MP: दुष्कर्मी को बचाने भोपाल पुलिस दे रही पीड़िता को हनी ट्रैप में फंसाने की धमकी, हाईकोर्ट पहुंचा मामला

Fri, 07 Aug 2026 11:18 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

दुष्कर्म के मामले में एफआईआर दर्ज नहीं करने और आरोपी को बचाने के आरोपों के बीच भोपाल पुलिस की कार्रवाई हाईकोर्ट पहुंच गई। पीड़िता ने पुलिस पर हनी ट्रैप केस में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया है। हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए भोपाल पुलिस कमिश्नर को तीन दिन में शिकायत पर विधिसम्मत निर्णय लेने के निर्देश दिए। 
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मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दुष्कर्म का प्रकरण दर्ज नहीं करने और आरोपी को बचाने के लिए भोपाल पुलिस द्वारा पीड़िता के खिलाफ हनी ट्रैप की एफआईआर दर्ज करने की धमकी देने का मामला हाईकोर्ट पहुंचा है। पीड़िता ने अपनी याचिका में भोपाल पुलिस पर उक्त गंभीर आरोप लगाए हैं। इस पर हाईकोर्ट के जस्टिस हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने आरोपों को गंभीरता से लेते हुए भोपाल पुलिस कमिश्नर को निर्देशित किया है तीन दिनों में पीड़िता की शिकायत पर विधि अनुसार कार्यवाही करते हुए उचित निर्णय लें।

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पीड़िता की तरफ से दायर याचिका में कहा गया है कि राजपाल अहिरवार नामक युवक शादी का प्रलोभन देकर उसका दैहिक शोषण करता रहा। गर्भवती होने जाने पर युवक द्वारा उसका जबरन गर्भपात करवाया गया। वह आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के लिए गत 10 जुलाई को कमला नेहरू नगर थाने गई थी। थाना प्रभारी निरूपा पांडे, एसआई उपनिरीक्षक शैलेंद्र राजावत और महिला प्रधान आरक्षक डॉली चौरसिया ने एफआईआर दर्ज करने से इन्कार कर दिया। इतना ही नहीं उनके द्वारा आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं करवाने का दबाव बनाया गया। पुलिसकर्मियों द्वारा याचिकाकर्ता को हनी ट्रैप में फंसाने और एफआईआर दर्ज करने की धमकी दी गई। इस संबंध में याचिकाकर्ता ने भोपाल पुलिस कमिश्नर से शिकायत की थी। पुलिस कमिश्नर द्वारा भी कोई कार्यवाही नहीं किए जाने के कारण हाईकोर्ट में उक्त याचिका दायर की गई है।

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याचिका में पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच और आपराधिक कार्रवाई तथा युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग की गई है। एकलपीठ ने याचिका में लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लेते हुए भोपाल पुलिस कमिश्नर को उक्त निर्देश जारी किए। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता एके शाह ने पैरवी की।

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