बालाघाट जिले के वारासिवनी स्थित एचडीएफसी बैंक में मजदूरों के नाम पर बैंक खाता खोलकर करोड़ों रुपये का ऑनलाइन ट्रांजैक्शन किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। मुंबई की भायखला पुलिस तथा दिल्ली साइबर क्राइम की टीम जांच के लिए पहुंची तो खाताधारियों को इस बात की जानकारी लगी। खाताधारियों ने इस संबंध में वारासिवनी थाने में शिकायत दर्ज करवाई है।
गौरतलब है कि मुबई स्थित भायखला पुलिस धारा 420, 419 आईटी एक्ट की धारा 66 सी, 6 6ई के तहत दर्ज अपराध की विवेचना के लिए वारासिवनी आई थी। मुंबई पुलिस ने कुछ युवकों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की थी। दिल्ली पुलिस की साइबर शाखा ने बुदबुदा ग्राम निवासी पांच युवकों को नोटिस भेजकर एचडीएफसी बैंक वारासिवनी शाखा में उनके खातों से करोड़ों रुपयों का ऑनलाइन लेन-देन किए जाने के संबंध में जवाब तलब किया है। बैंक खाते से करोड़ों रुपये का ऑनलाइन ट्रांजैक्शन होने की जानकारी लगने पर खाताधारियों में हड़कंप की स्थिति मच गई। नोटिस मिलने से घबराए युवकों ने एचडीएफसी बैंक की वारासिवनी शाखा में पहुंचकर उनके खातों में किए गए लेन-देन की जानकारी मांगी तो बैंक स्टेटमेंट देखकर उनके होश उड़ गए।
पीड़ितों के अनुसार बैंक में सेल्स एजेंट के रूप में कार्यरत प्रियांशु बंजारी (25) तथा उसके साथी कनक चौधरी ने टारगेट का हवाला देते हुए जीरो बैलेंस का खाता खोलने के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, परिचय पत्र, फोटो एवं उनका मोबाइल नंबर लिए थे। इसके बाद वह काम करने हैदराबाद चले गए थे। खाते के संबंध में प्रियांश से पूछताछ की तो उसने बताया कि कुछ कारणों से उनका खाता नहीं खुल सका। इसके बाद पीड़ितों ने दस्तावेज उनके परिजनों को सौंपने के लिए कहा था। बैंक के 22 खाताधारियों के नाम पर लगभग 80 करोड़ रुपये का ऑनलाइन ट्रांजैक्शन किया गया है। एसडीओपी वारासिवनी ने बताया कि चार-पांच लोगों द्वारा इस संबंध में शिकायत की गई है। उनकी शिकायत पर जांच जारी है और अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे हैं। दस्तावेज की जांच के बाद ही विधि अनुसार कार्रवाई की जाएगी।