मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद ने अधिवक्ताओं से आग्रह किया है कि वह 24 मई को आयोजित होने वाले विदाई समारोह में शिरकत न करें। राज्य अधिवक्ता परिषद ने प्रदेश के समस्त अधिवक्ता संघ से आग्रह किया है कि 25 मई को स्वाभिमान दिवस के रूप में मनाया जाए। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ का विदाई समारोह 24 मई को आयोजित है।
गौरतलब है कि मार्च 2023 में हुए अधिवक्ता की प्रदेश व्यापी हड़ताल को चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ ने गंभीरता से लेते हुए मामले की सुनवाई जनहित याचिका के रूप में करने के निर्देश दिए थे। इसके अलावा सिवनी अधिवक्ता संघ की हड़ताल को भी चीफ जस्टिस ने गंभीरता से लिया था। हड़ताल के मामले में बार व बेंच के बीच टकराव की स्थिति निर्मित बनी हुई है।
राज्य अधिवक्ता परिषद की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि हम प्रदेश के वासी हैं। जहां न्याय के देवता राजा विक्रमादित्य व मां देवर अहिल्या विराजते हैं। जिन्होंने अपनी कार्यशैली से प्रदेश के इतिहास में न्याय के देवी देवता के रूप स्थापित हैं। उस प्रदेश में न्याय व्यवस्था में पिछले कुछ समय से बहुत से अवरोध पैदा किए गए हैं। अभिभाषकों की गरिमा को कम करने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई, जिनके द्वारा अभिभाषकों की गरिमा को कम किया गया, वह 24 मई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में अपने स्वाभिमान की रक्षा और अधिवक्ता साथियों की गरिमा बनाए रखने के लिए हम सभी प्रदेश के अधिवक्ता को उनके विदाई कार्यक्रम में शामिल नहीं होकर एकता का प्रदर्शन करना है।
बता दें कि इससे भविष्य में कोई भी अधिवक्ताओं की गरिमा को ठेस नहीं पहुंचा सके। इसके अलावा सभी अधिवक्ता संघों से 25 मई को स्वाभिमान दिवस के रूप में मनाने का आग्रह किया है। पत्र में चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ के नाम का उल्लेख नहीं किया गया है। उनकी सेवानिवृत्ति 24 मई को है, जिस तारीख का उल्लेख पत्र में किया गया है।