कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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हनी ट्रैप गैंग में शामिल दो पुलिसकर्मियों सहित 6 आरोपियों को बालाघाट न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। विशेष न्यायालय (एट्रोसिटी एक्ट) न्यायाधीश के एस बारिया ने साक्ष्य व गवाहों को अभाव में चार आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया है। प्रकरण में आरोपी एक महिला गत 12 साल से फरार है।
अभियोजन की तरफ से न्यायालय को बताया गया कि नावेल्टी हाउस रोड निवासी मनीष कुमार जैन ने वर्ष 2012 में कोतवाली थाना शिकायत दर्ज कराई थी। उसके साथ हनी ट्रैप करने हुए अश्लील फोटो व वीडियों बनाया गया था। अश्लील फोटो व वीडियो के एवज में उसे ब्लैकमेल करते हुए 10 लाख रुपये की मांग आरोपियों द्वारा की गई थी। रुपये नहीं देने पर महिला के साथ अश्लील फोटो व वीडियो परिवार और इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से सार्वजनिक करने की धमकी दी जा रही थी।
पुलिस ने गैंग के सदस्य दो पुलिसकर्मियों सहित 11 लोगों के खिलाफ धारा 147,386,120बी भादवि, 5 अनैतिक देह व्यापार के तहत अपराध दर्ज कर प्रकरण को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया था। न्यायालय ने प्रकरण की सुनवाई के दौरान पेश किए गया साक्ष्य व गवाहों के आधार पर आरोपी एएसआई मेघराम श्रीनिल (53), आरक्षक निखलेश सिंह ठाकुर (44), कमलेश उर्फ विक्तु बाबा पटले (41), उसकी पत्नी लक्ष्मी उर्फ शीतल उर्फ बबली (33), मनोज पिता जंगी सिंह परस्ते (42), राजुल पिता प्रहलाद (38) को आरोपी ठहराते हुये आजीवन कारावास से दण्डित किया है। न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा है कि आरोपियों के अपराध गंभीर प्रवृत्ति का है और माफ करने योग्य नहीं है। न्यायालय ने आरोपियों को 3-3 हजार के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है। प्रकरण में आरोपी बनाई गयी रेशमा उर्फ रोशनी पिता नजरूदीन (31) फरार चल रही है। न्यायालय ने साक्ष्य व गवाहों के अभाव में शशांक पिता शिवनारायण माहुले (55), नंदाबाई (53), गीता बाई उइके (51) और हितेन्द्र पिता किशोर चौहान (38) को दोषमुक्त कर दिया।