'योजनाओं के लिए काफी धनराशि दी'
जबलपुर क्षेत्र की बात करें तो हमने अपनी सरकार में और मैंने केंद्रीय मंत्री रहते भी इस क्षेत्र के विकास के लिए, विकास की योजनाओं के लिए काफी धनराशि दी थी। बात करें चाहे यूनिवर्सिटी की, स्पोर्ट स्टेडियम की, नहर की हमने क्षेत्र के विकास को लेकर पर्याप्त योजनाएं बनाई और पर्याप्त राशि दी। लेकिन बीच में ही हमारी सरकार गिरा दी गई। आप ही बताएं कि मैंने कौन सा गुनाह और पाप किया, जो मैंने 27 लाख किसानों का कर्ज माफ किया। एक हजार गौशालाओं का निर्माण कार्य प्रारंभ कराया, जितनी गौशालाएं 15 साल में नहीं बनी, उतनी हमने 15 महीने में बनाई। हमने 100 रुपये में 100 यूनिट बिजली प्रदान की और आज बिजली के बिलों की क्या स्थिति है? आपको पता है, हमने सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि और कन्या विवाह की राशि बढ़ाई।
'मोदी जी कहते थे, किसानों की आय दोगुनी करेंगे'
कमलनाथ ने कहा, आज बात करें तो किसान किस प्रकार खाद, बीज और बिजली के लिए भटक रहा है। आज कितने किसानों को मंडी में समर्थन मूल्य का लाभ मिल रहा है। मंडियों की क्या स्थिति है, यह तस्वीर आपके सामने है। आज शिवराज और मोदी किसानों की ,युवाओं की बात नहीं करेंगे। यह तो सिर्फ ध्यान मोड़ने की बात करते हैं। आपको पता है कि मोदी जी साल 2013-14 में कहते थे कि किसानों की आय दोगुनी करेंगे, दो करोड़ युवाओं को रोजगार देंगे, अच्छे दिन लाएंगे। आज यह किसान, नौजवान और अच्छे दिन की बात नहीं करते हैं। आज तो यह राष्ट्रवाद और पाकिस्तान के नाम पर गुमराह करने का काम करते हैं। हमारे शिवराज जी तो हर साल घोषणा करते हैं कि एक लाख युवाओं को प्रतिमाह रोजगार देंगे।
मैं तो शिवराज जी से कहना चाहता हूं कि एक लाख रोजगार तो बाद में दे देना, पहले जो रिक्त पद है उस पर ही भर्ती चालू कर दें। इनकी कलाकारी आप सभी के सामने है। शिवराज जी की आज भी 20 हजार घोषणाएं अधूरी हैं। वह तो जहां नदी नहीं हो, वहां पर भी पुल की घोषणा कर देते हैं। वह कहते हैं कि कांग्रेस ने 70 साल में क्या किया तो मैं जवाब में कहता हूं कि मोदी जी यदि आप स्कूल गए होंगे तो वह स्कूल भी कांग्रेस ने बनवाया। शिवराज जी यदि आप स्कूल-कॉलेज गए हैं तो वह स्कूल-कॉलेज भी कांग्रेस की ही देन है। आज शिवराज और बीजेपी का झूठ सुनकर मुझे आश्चर्य होता है।
'मुख्यमंत्री बनने या नहीं बनने का सवाल नहीं'
पूर्व सीएम ने कहा, विधानसभा चुनाव में मात्र 11 महीने बाक़ी हैं। सवाल कमलनाथ के मुख्यमंत्री बनने या नहीं बनने का नहीं है। यह चुनाव हमारे देश के और प्रदेश के भविष्य का चुनाव है। तस्वीर सामने रख लीजिएगा और यह तस्वीर भक्तजनों को भी दिखाइएगा। आप कमलनाथ का साथ भले मत देना, कांग्रेस का साथ भले मत देना। लेकिन तस्वीर सामने रख सच्चाई का साथ जरूर देना, क्योंकि यही सच्चाई हमारे भविष्य को सुरक्षित रख सकती है। इसी से किसानों का और नौजवानों का भविष्य सुरक्षित रहेगा।
आज जबलपुर के विकास की दृष्टि से पिछड़ने का मुझे बड़ा दुख है। मैंने तो जबलपुर में अपनी कैबिनेट की बैठक भी की थी। मैंने इस क्षेत्र को अपने मंत्रिमंडल में भी काफी प्रतिनिधित्व दिया था और लगातार यहां के विकास को लेकर योजनाएं भी बनाई थी। यदि आप सभी ठान लेंगे तो मध्यप्रदेश की विधानसभा में कांग्रेस का परचम लहराने से कोई नहीं रोक सकता है।
बता दें कि सभा का संचालन पूर्व मंत्री तरुण भनोत ने किया। आभार सन्मति सैनी ने किया। सभा में पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया, वरिष्ठ नेता रामेश्वर नीखरा, विधायक विनय सक्सेना, संजय यादव, महापौर जगत बहादुर सिंह, पूर्व मंत्री औंकार मरकाम, कौशल्या गोटिया, निलेश अवस्थी, नारायण पट्टा, भूपेंद्र मरावी और वीरेंद्र चौबे सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस जन मौजूद रहे। सभा की शुरुआत वंदे मातरम के गायन से हुई और सभा के अंत में राष्ट्रगान का गायन हुआ।