जबलपुर में पैतृक संपत्ति के बंटवारे के संबंध में पीड़ित किसान द्वारा सीएम हेल्प लाइन में शिकायत की थी। इस पटवारी की शिकायत की गई थी, वह सीएम हेल्प लाइन का प्रभारी है। पीड़ित द्वारा जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से की गई शिकायत में कहा गया है कि पटवारी ने फोन पर उसके साथ गाली-गलौज की और शिकायत वापस नहीं लेने पर जूतों से मारने की धमकी दी। शिकायत के साथ पीड़ित ने ऑडियो रिकॉर्डिंग भी पेश की है।
पीड़ित भानू कुश्वाह ने बताया कि उनकी पैतृक कृषि भूमि ग्राम रैगवां में स्थित है। पूर्व में हुए बटांक के खिलाफ न्यायालय ने कोई आदेश जारी नहीं किया था। इसके बावजूद भी पटवारी जागेन्द्र पीपरे ने जमीन के पांच बटांक कर दिए। इस संबंध में उसने सीएम हेल्प लाइन में शिकायत की थी, जिसके बाद पटवारी ने उसे फोन पर गाली-गलौज करते हुए शिकायत का निराकरण करवाने के लिए कहा। इसके अलावा उसे जूते से भी मारने की धमकी दी।
फोन रिकॉर्डिंग के साथ लगभग डेढ़ महीने पूर्व इस संबंध में जिला कलेक्टर तथा पुलिस अधीक्षक से शिकायत की गई थी। शिकायत पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। मेरे पर शिकायत वापस लेने के लिए अवैधानिक दवाब बनाया जा रहा है। मेरे परिचितजनों को धमकी दी जाती है कि शिकायत वापस नहीं लेने पर उसे झूठा प्रकरण में फंसा देंगे।
पटवारी जागेन्द्र पीपरे ने बताया कि शिकायतकर्ता उसके क्षेत्र का किसान नहीं है। किसानों की समस्या का समाधान करना हमारा कार्य है। दबाव बनाकर कार्य करने के लिए शिकायत की जाती है। हम सरकारी कर्मचारी है और शिकायतकर्ता से पैर पड़कर मांफी मांगने को तैयार है। ऑडियों में मेरी आवाज नहीं है, कार्य में व्यस्थ होने के कारण कोई अन्य व्यक्ति द्वारा फोन उठाकर शिकायतकर्ता से बात की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।