तलाक दिए बिना पति द्वारा दूसरा विवाह करने के खिलाफ महिला ने न्यायालय की शरण ली थी। प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी ज्योति सिंह टेकाम की अदालत ने महिला के आवेदन की सुनवाई करते हुए दूसरा विवाह करने के मामले में प्रकरण दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं।
बता दें कि अनूपपुर निवासी गुंजनदीप की तरफ से दायर आवेदन में कहा गया था कि उनका विवाह 29 जनवरी 2012 को जबलपुर निवासी धीरज कांडा उर्फ कृष्णा के साथ हुआ था। इसके बाद दोनों की एक संतान भी हुई। विवाह के बाद से ही पति व उसके परिवार वाले दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने लगे। इसके कारण मजबूरन वह पति से अलग रहने लगी तथा भरण-पोषण के लिए न्यायालय में आवेदन दायर किया था। न्यायालय ने भरण-पोषण की राशि निर्धारित कर दी थी। न्यायालय के आदेशानुसार पति उसे भरण-पोषण की राशि प्रदान नहीं कर रहा था। आदेश का पालन नहीं होने के कारण न्यायालय ने उसके खिलाफ वारंट भी जारी किया था।
आवेदन में कहा गया था कि पति ने उससे कानूनन तलाक लिए बिना शालिनी नामक युवती से दूसरा विवाह कर लिया। दूसरे विवाह से भी एक संतान का जन्म हो गया। पहली पत्नी को तलाक दिए बिना दूसरी शादी अवैधानिक है। जिसके कारण उक्त आवेदन दायर किया गया है। न्यायालय ने सुनवाई के बाद अनावेदक पति के खिलाफ प्रकरण दर्ज करवाने के निर्देश जारी किए हैं। आवेदिका की ओर से अधिवक्ता संदेश दीक्षित ने पक्ष रखा।