जबलपुर में गोरखपुर थानान्तर्गत एक अपार्टमेंट में चल रही हाई प्रोफाइल पार्टी में पकड़ाए गए रईसजादों ने पुलिस को गुमराह किया था। पकड़े गए एक युवक ने अपने स्थान पर दूसरे का नाम और पता लिखवा दिया। इसके अलावा एक युवक ने दूसरे व्यक्ति की फर्जी आईडी देकर गलत पता दर्ज करवाया था। इस बात का खुलासा होने के बाद पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। इसके अलावा पुलिस ने हाई प्रोफाइल पार्टी में शामिल लगभग एक दर्जन अन्य व्यक्तियों को शिनाख्त कर ली है।
गौरतलब है, 26-27 दिसंबर की दरम्यानी रात तीन बजे गोरखपुर स्थित एक अपार्टमेंट में शहर के उद्योगपति, डॉक्टर, अधिवक्ता और सेवानिवृत्त एएसपी राजेश तिवारी का बेटा शराब पार्टी कर रहे थे। पार्टी में तेज आवाज में म्यूजिक बजाया जा रहा था, जिसकी शिकायत क्षेत्रीय नागरिकों ने पुलिस से की थी। पुलिस ने दबिश देकर 13 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था। इसमें सेवानिवृत्त अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश तिवारी भी शामिल हैं।
मामला बना चर्चा का विषय...
घटना के वायरल वीडियो में शराब ठेकेदार अक्षय उर्फ बिटटू सहगल को बेटा अक्षित सहगल दिखाई दे रहा था। उसकी उपस्थित में पुलिस ने अपार्टमेंट की तलाशी ली थी। अक्षित के भागने का प्रयास करते हुए पुलिस द्वारा उसके पकड़े जाने का वीडियो भी वायरल हुआ था। पकड़े जाने के बावजूद भी शराब ठेकेदार के बेटे पर कार्रवाई नहीं करना पुलिस विभाग सहित अन्य लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ था। आरोपी बनाए गए एक युवक ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर बताया था कि वह पार्टी में नहीं था। उसना नाम किसी ने झूठा लिखवा है। पकड़े गए एक आरोपी ने गलत पता लिखवाते हुए एड्रेस प्रूफ के लिए आईडी दी थी।
सहगल घटना स्थल से फरार हो गया था...
सीएसपी गोरखपुर प्रतिष्ठा राठौर ने बताया कि अक्षित सहगल घटना स्थल से फरार हो गया था। पार्टी में शामिल एक दर्जन से अधिक युवक-युवती की शिनाख्त हो गई है। इसके अलावा पुलिस को गलत जानकारी देने वाले आरोपियों की शिनाख्त हो गई है और उनकी तलाश जारी है। गिरफ्तारी के बाद उनके खिलाफ विधि अनुसार कार्रवाई की जाएगी।