शैक्षणिक संस्थाओं की राशि के दुरुपयोग तथा मिशन की सम्पत्ति के फर्जीवाड़े में जेल की हवा खा रहे पूर्व बिशप पीसी सिंह के घोटाले की परतें लगातार खुलती जा रही हैं। नया खुलासा ये है कि पूर्व बिशप ने भोपाल डिओसेस के अंतर्गत आने वाले नीमच स्थित स्कूल की जमीन अपने ट्रस्ट के नाम करवाई थी।
ईओडब्ल्यू के डीएसपी स्वर्ण सिंह धामी के अनुसार ने बोर्ड ऑफ एजुकेशन चर्च ऑफ नार्थ इंडिया के सचिव नीरज डेविड से पूछताछ में पता चला था कि स्कूल की राशि से भोपाल बिशप मनोज शरण को दो महंगी कार उपहार में दी गई थीं। दोनों वाहन शैक्षणिक संस्थाओं की राशि से खरीदे गए थे। ईओडब्ल्यू ने शुक्रवार को भोपान बिशप मनोज शरण से पूछताछ की। उन्होंने बताया कि पूर्व बिशप पीसी सिंह ने भोपाल डिओसेस के अंतर्गत आने वाले नीमच स्थित स्कूल की जमीन अपने ट्रस्ट के नाम करवाई थी। ईओडब्ल्यू ने गत दिवस सिवनी व दमोह में शासन से मान्यता प्राप्त मिशनरी स्कूल के प्राचार्यों से भी पूछताछ की थी। उन्होंने बताया था कि पूर्व बिशप शासन से मान्यता प्राप्त मिशनरी स्कूल से राशि लेता था। स्कूल के एकाउंटेंट को रिकॉर्ड के साथ तलब किया गया है।
गौरतलब है कि ईओडब्ल्यू की टीम ने 8 सितंबर को तत्कालीन बिशप पीसी सिंह के नेपियर टाउन स्थित कार्यालय तथा घर में दबिश दी थी। इस दौरान 80 लाख का सोना, 1 करोड़ 65 लाख रुपये नगद, 48 बैंक खाते, 18352 यूएस डॉलर, 118 पांउड, 9 लग्जरी गाड़ियां, 17 संपत्तियों के दस्तावेज मिले थे। दबिश के दौरान पीसी सिंह देश के बाहर था। ईओडब्ल्यू ने उसे नागपुर एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। पीसी सिंह के परिवार के सदस्यों के नाम पर बैंक में साढ़े 6 करोड़ रुपये जमा थे। इसके अलावा पीसी सिंह ने मिशन कम्पाउण्ड स्थित बेशकीमती जमीन खुद के नाम आधे दामों में खरीदी थी। बिशप रहते हुए पीसी सिंह ने जमीन बेची और क्रेता के तौर पर स्वयं खरीद ली थी। पीसी सिंह के खिलाफ देशभर के अलग-अलग राज्यों में 60 मामले दर्ज हैं।